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यूपी से नहीं इस बार पश्चिम बंगाल से निकलेगा दिल्ली की सत्ता का रास्ता, क्या है गणित?

Sanjiv Pandeyसंजीव पांडेय Updated Mon, 21 Oct 2019 04:10 PM IST
ममता बनर्जी (फाइल फोटो)
ममता बनर्जी (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई
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चुनाव तो पूरे देश में हुए। लेकिन चुनाव का केंद्रबिंदु पश्चिम बंगाल रहा। सारे देश में चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न हुए। लेकिन पश्चिम बंगाल में हिंसा हुई। अंतिम चरण के चुनाव प्रचार के दौरान कोलकता में हुई हिंसा के चपेट में ईश्वरचंद्र विदा सागर की मूर्ति आ गई। अमित शाह को अपना रोड शो बीच में ही रोकना पड़ा। वैसे तो पूरे देश में नरेंद्र मोदी की सबसे ज्यादा आलोचना राहुल गांधी ने की है। लेकिन नरेंद्र मोदी औऱ ममता बनर्जी की दुश्मनी इस स्तर पर आ गई कि दोनों एक दूसरे को जेल भेजने तक की धमकी सामने आई। 
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दरअसल, भाजपा ने इस बार अपनी पूरी ताकत पश्चिम बंगाल में झोंक दी है। वजह भी साफ है कि इस बार भाजपा को हिंदी पट्टी में सीटें घटने की आशंका है और भाजपा इसकी भरपाई पश्चिम बंगाल से करना चाहती है। दूसरी तरफ ममता बनर्जी को लगता है कि देश में त्रिशंकु संसद की स्थिति बन गई है और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस अब दिल्ली में किंगमेकर की भूमिका में आएगी। 
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