साल 2018 ने खूब रुलाया, पहले दिन 14 घरों के चिराग बुझे, तो त्योहार पर गई 61 जानें...10 हादसे

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Mon, 31 Dec 2018 05:06 PM IST
अमृतसर ट्रेन एक्सीडेंट
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साल 2018 हादसों से भरा रहा। इस वर्ष जहां पहले ही दिन 14 मौतों से दहला देश, वहीं त्योहार पर एक साथ 61 लोगों की जान जाने से कोहराम मचा। पढ़ें, ऐसे ही कुछ दर्दनाक हादसे, जिन्होंने इस साल में खूब रूलाया।
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साल के पहले दिन हुए हादसों में गई 14 जानें

सड़क हादसा
सड़क हादसा
लोग जहां नए साल की खुशियां मना रहे थे, वहीं कुछ घरों में मातम छाया था। क्योंकि हादसों में उनके चिराग बुझ गए थे, करीब 14 लोगों की मौत हुई। पंजाब के अमृतसर में नेशनल हाईवे पर ब्यास के पास फ्लाईओवर पर चढ़ते समय गन्ने से ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्राली का हुक टूटने से ट्राली अलग होकर पीछे आ रही कार पर जा गिरी। इस हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई थी।

हरियाणा के झज्जर में जहाजगढ़ मार्ग पर भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई तथा दो गंभीर रुप से घायल हो गए। आई-10 कार द्वारा एक इनोवा गाड़ी को आवरटेक करने के दौरान भीषण हादसा हो गया। हादसे में आई-10 कार सामने से आ रही निजी बस से जा टकरा गई और कार के परखच्चे उड़ गए। हादसे में कार सवार पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें तीन महिलाएं शामिल थीं।

दिल्ली रोड पर भानु इंडस्ट्रीज के पास एक कार ने बाइक में पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार शिवनगर निवासी 64 वर्षीय भुजारत राम और कार का चालक घायल हो गए। दोनों को एक गाड़ी में सिविल अस्पताल में पहुंचाया गया, जहां भुजारत राम को मृत घोषित कर दिया गया। वह सेक्टर 27-28 की एक फैक्ट्री में जॉब करता था।

राजगढ़ रोड पर सेक्टर-15 के मोड़ के पास पेट्रोल पंप के सामने हुआ। हादसे में आजाद नगर निवासी 19 वर्षीय संजय कुमार की मौत हो गई। संजय स्कूल बस पर कंडक्टर था। वह पार्ट टाइम डीजे सेट पर काम करता था। न्यू ईयर सेलिब्रेशन पार्टी में वह डीजे से संबंधित काम पर जा रहा था। वह बाइक लेकर घर से निकाला था। फव्वारा चौक की तरफ जाते समय अज्ञात वाहन चालक ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

हिसार-हांसी मार्ग पर टोल प्लाजा के पास एचएयू के सिक्योरिटी गार्ड एवं रिटायर्ड फौजी की बाइक धुंध के कारण आगे जा रहे टैंकर में जा लगी। टैंकर वाले ने बिना डिपर और इंडीकेटर दिए दिल्ली की तरफ जाते समय बायीं तरफ गाड़ी उतार ली। इसके कारण हादसा हो गया। इस हादसे में बाइक सवार रामायण निवासी 46 वर्षीय राजकुमार की मौत हो गई। राजकुमार एचएयू से सुबह छह बजे ड्यूटी समाप्त कर बाइक पर गांव जा रहा था।

सोनीपत में जीटी रोड पर राई औद्योगिक क्षेत्र के पास सड़क हादसे में बाइक सवार दो दोस्तों की मौत हो गई। दोनों अलग-अलग अपनी बाइक पर सवार थे और अन्य साथियों के साथ दिल्ली से मुरथल ढाबे पर नए साल का जश्न मनाने आ रहे थे। औद्योगिक क्षेत्र के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से दोनों की मौत हो गई। सूचना के बाद पहुंच पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाया।

दशहरे पर अमृतसर में रेल हादसा, 61 जानें गईं

अमृतसर ट्रेन हादसा
अमृतसर ट्रेन हादसा - फोटो : PTI
पंजाब के अमृतसर में दशहरे के दिन बड़ा रेल हादसा हो गया। यहां के जौड़ा फाटक के पास स्थित एक मैदान में लोग रावण दहन देख रहे थे। ये सभी लोग रेल ट्रैक पर खड़े थे। तभी तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से 61 लोगों की जान चली गई और 70 से अधिक लोग घायल हो गए।

हादसा अमृतसर के रेलवे फाटक नंबर 27c के पास हुआ। इसी दौरान घटनास्थल से हावड़ा-अमृतसर (12054) ट्रेन गुजर चुकी थी। अंधेरा होने के कारण लोगों को दूसरी ट्रेन के बारे में पता नहीं चला। उसी समय वहां पर जालंधर-अमृतसर पैसेंजर ट्रेन डीएमयू (74643) ट्रेन गुजरी। ट्रैक पर कई लोग खड़े थे, जिन्हें ट्रेन कुचलते हुए गुजर गई।

प्रशासन की पहली लापरवाही ये थी कि आयोजन के लिए कोई इजाजत नहीं दी गई थी और स्थानीय पार्षद ने ये आयोजन कराया था। वहीं दूसरी सबसे बड़ी चूक मैदान में लगी एलईडी लाइटें को रेलवे ट्रैक की ओर लगा दिया गया था। जिस वजह से लोग रेल ट्रैक नहीं देख पाए और हादसा हो गया।

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए। अमृतसर ट्रेन हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के बाद 300 पेज की एक रिपोर्ट सरकार को सौंपी गई, जिसमें एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इसका सीधा कनेक्शन रेलवे और गेटमैन से है।

हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के मुताबिक, गेट नंबर 27 जोड़ा फाटक के गेटमैन अमित सिंह न सिर्फ अपने वैधानिक कर्तव्यों का निर्वहन करने में नाकाम रहे, बल्कि सुरक्षा उपाय नहीं किए जिससे इस दुर्घटना को आसानी से रोका जा सकता था। इसके अलावा रेलवे क्रॉसिंग गेट नंबर 26 के गेटमैन निर्मल सिंह भी अपने वैधानिक कर्तव्य निभाने में नाकाम रहे। उन्होंने गेटमैन अमित को सूचना देने में देरी की।

रिपोर्ट में बताया कि गेटमैन को रेल ट्रैक पर लोगों की भीड़ के बारे में लगभग 5:30 बजे पता चल गया था, लेकिन उसने इस बारे में अमित सिंह को जानकारी लगभग पौने सात बजे दी। उसने संबंधित स्टेशन मास्टर को भी सूचित नहीं किया और ट्रेनों को ग्रीन सिग्नल दे दिए। इसलिए, वह भी इसके लिए जिम्मेदार है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आयोजकों के पास धोबी घाट में रावण दहन समेत दशहरा उत्सव के लिए कोई अनुमति नहीं थी।

आयोजकों ने वहां एकत्र हुए लोगों की सुरक्षा के भी पर्याप्त उपाय नहीं किए। उन्होंने न तो रेलवे को सूचित किया और न ही लोगों को ट्रैक पर खड़े होने से रोका। रेलवे को अगर सूचना दे दी जाती तो इस खंड पर ट्रेनों को नियंत्रित किया जा सकता था। अगर आयोजक दशहरा देखने आए लोगों की सुरक्षा के प्रति संजीदा होते और समारोह स्थल व रेल ट्रैक के बीच दीवार के साथ 10-12 फुट पर पर्दे आदि लगाते तो हादसा रोका जा सकता था।

रेलवे ने किया अपने कर्मियों का बचाव
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व हादसे पर रेल मंत्रालय द्वारा जारी की गई जांच रिपोर्ट में रेलवे के किसी कर्मचारी को दोषी न ठहराते हुए ट्रैक पर खड़े लोगों को गलत करार दिया था। वहीं अब पंजाब सरकार के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू और उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू को क्लीन चिट दे दी गई है। कहा गया है कि हादसे के समय नवजोत सिंह सिद्धू अमृतसर में नहीं थे, जबकि समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं नवजोत कौर सिद्धू का चीफ गेस्ट के रूप में इंतजाम देखने का काम नहीं था।

जवान बेटी के शव को मां ने पहनाई लाल चुनरी, बाप का कलेजा फट गया

सड़क हादसा
सड़क हादसा
18 मार्च को यमुना एक्सप्रेस हाईवे पर हादसे में जान गंवाने वाली एग्स की डॉक्टर हेमबाला तनेजा को मां ने लाल चुनरी पहनाकर विदा किया। इस पल ने हर किसी को आंखें नम कर दीं। पिता महेंद्र पाल तनेजा ने अंतिम संस्कार की रस्म अदा की। डॉ. हेमबाला का शव दिल्ली से जगाधरी स्थित उनके घर सेक्टर-15 में लाया गया और शाम तक उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

डॉ. हेमबाला एमडी की तैयारी कर रही थी। एग्जाम क्लियर करने के लिए वह दिन रात पढ़ रही थी। कड़ी मेहनत की वजह से ही उसका एग्जाम पास हुआ था। हेमबाला गाड़ी में पिछली सीट पर बैठी थी। हादसे में उसके सिर में गहरी चोट लगी थी। हेमबाला एम्स के इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी पर थी। उसने रोहतक से एमबीबीएस की है। बता दें कि हादसा यमुना एक्सप्रेस वे पर हुआ।

दिल्ली से आगरा की तरफ जा रही इनोवा कार माइल स्टोन 88 पर कोतवाली सुरीर क्षेत्र में आगे चल आयशर केंटर से टकरा गई। हादसे में कार सवार सात में से तीन की मौके पर ही मौत हो और चार घायल हो गए। ये सभी दिल्ली के एम्स अस्पताल के डॉक्टर थे। मरने वालों की पहचान महाराष्ट्र के हर्षद (35), चंडीगढ़ के यशप्रीत (26) और हरियाणा की हेमबाला (25) के रूप में हुई। घायलों में एमपी के जितेंद्र, बिहार के महेश और अभिनव और त्रिपुरा की केफमिन हैं।

यह सभी डॉक्टर नोएडा से आगरा बर्थडे सेलिब्रेट करने के लिए जा रहे थे। हादसे के शिकार सात डॉक्टरों में एक सीनियर और छह जूनियर रेजीडेंट हैं। जूनियर इसी साल एम्स में मरीजों की सेवा करने के लिए तैनात हुए थे। ट्रॉमा सेंटर के इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के बैच ए के ये सभी डॉक्टर बर्थडे पार्टी मनाने के लिए दिल्ली से आगरा रवाना हुए थे।

होली पर बुझ गए एक घर के 8 चिराग, एक साथ जलीं चिताएं

सड़क हादसा
सड़क हादसा
मरने वाले सभी पंजाब के अमृतसर के थे और हादसा हिमाचल में बिलासपुर जिले के स्वारघाट में हुई। सभी मृतक मणिकर्ण साहिब से लौट रहे थे। हादसा गहरी खाई में गिरने से हुआ। रात को शवों के गांव पहुंचते ही अंतिम संस्कार कर दिया गया।

बाबा फरीद नगर के रहने वाले दो सगे भाई गुरिंदर सिंह तथा जसबीर सिंह, काले निवासी दो सगे भाई मनदीप सिंह तथा सोनू, इनकी बुआ का बेटा कवल सिंह निवासी राजासांसी, काले निवासी दविंदर सिंह, कंवलजीत सिंह, लवप्रीत लक्की तथा बलजीत सिंह बब्बू मणिकर्ण साहिब में माथा टेकने के लिए गये थे।

वहां से लौटते समय वीरवार रात को 10:30 बजे स्वारघाट में एक मोड़ पर गाड़ी बेकाबू हो गई और 150 फीट गहरी खाई में जा गिरी। ज्यादा ऊंचाई से गिरने की वजह से गाड़ी बुरी तरह डैमेज हो गई। इसमें 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। एक शख्स को जिंदा निकाला गया है।

मारे गए सभी लोगों की उम्र 25 से 35 साल है और सभी एक ही परिवार से थे, आपस में रिश्तेदार थे। कई घंटों की मशक्कत के बाद मृतकों की डेडबॉडी बाहर निकाली गई। हिमाचल पुलिस ने आधार कार्ड देखकर पंजाब की छरहटा पुलिस से संपर्क साधा और मृतकों के परिवार को सूचना दी।

तीज मनाने निकली थीं दो बहनें, दर्दनाक मौत मिली, शव देख चिल्लाने लगे मामा

सड़क हादसा
सड़क हादसा
भाई-बहनों के साथ तीज का त्योहार मनाने गई थीं, लेकिन सोचा न था कि मौत मिलेगी और वो भी इतनी दर्दनाक। हादसा हरियाणा के अंबाला कैंट में हुआ। रविवार देर शाम तीज मेले में झूले से गिरकर 2 युवतियों की मौत हो गई। हादसे के बाद झूले का संचालक फरार हो गया। हादसा हाथी खाना कैलाश मंदिर के नजदीक लगे मेले में हुआ। जो ट्रॉली टूटकर गिरी उसमें एक और लड़की सवार थी, जिसे बचा लिया गया। दोनों मृतक चचेरी बहनें थीं।

हाथीखाना कैलाश मंदिर में तीज महोत्सव के तहत मेला लगाया गया था। मेले में झूला भी लगा था। अंजलि (18) व दीपू (25) परिवार के साथ मेला घूमने आए थे। सभी झूला झूलने लग गए थे। अंजलि व दीपू झूले की एक ट्राली में बैठी थीं, जबकि उनके साथ कविता भी सवार थी। सभी ट्रालियों पर लोग बैठे थे, जबकि कुछ खाली थी। इसी दौरान जिस ट्राली में उक्त तीनों सवार थी, वह ट्राली हिचकोले खाने लगी।

देखते ही देखते पलट गई और ट्राली से अंजलि व दीपू तो सिर के बल जमीन पर आ गिरीं, जबकि कविता को यह झूला रोक कर किसी तरह से बचा लिया गया। हादसे के बाद अफरा तफरी फैल गई और दोनों छात्राओं को अंबाला कैंट के सिविल अस्पताल लाया गया। यहां पर डाक्टरों ने दोनों को चेक किया और मृत घोषित कर दिया। एक युवती का पिता भाजपा का कार्यकर्ता है। हादसे की सूचना लगते ही स्वास्थ्य मंत्री सिविल अस्पताल पहुंचे हादसे की जानकारी ली।
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