अमर उजाला
Sat, 20 May 2023
सभी देवी-देवताओं की सवारी के रूप में किसी पशु या पक्षी को सदियों से पूजा जाता है
आखिर क्यों बिल्ली की पूजा नंदी या मूषक की तरह नहीं होती है
आइए जानें इसके पीछे की ख़ास वजह के बारे में
मान्यताओं के अनुसार बिल्ली राहु की सवारी के रूप में जानी जाती
माता लक्ष्मी के पहले उनकी बड़ी बहन अलक्ष्मी का अवतरण हुआ
उस समय बिल्ली को अलक्ष्मी का वाहन माना गया और किसी भी देवता की सवारी न होने का अभिशाप मिला
इन तीन राशियों पर नहीं होता शनि की साढ़ेसाती का असर