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Gajkesari Yog: आज इस राशि की कुंडली में बन रहा है 'गजकेसरी योग', होगा भाग्योदय

ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Mon, 15 Aug 2022 12:08 AM IST
15 अगस्त को इस राशि की कुंडली में बनेगा 'गजकेसरी योग',
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Gajkesari Yoga in Kundali: ज्योतिषशास्त्र के अनुसार हर दिन ग्रह नक्षत्रों में फेरबदल होता रहता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मनुष्य के जीवन में ग्रह-नक्षत्र विशेष मायने हैं। ज्योतिषविदों की मानें तो वैदिक ज्योतिषशास्त्र पूरी तरह से ग्रह नक्षत्रों पर आधारित है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज यानी 15 अगस्त के दिन ग्रह नक्षत्र के शुभ संयोग बन रहे हैं। वैसे तो 15 अगस्त को भारत के स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है लेकिन दूसरी तरफ ज्योतिषशास्त्र के अनुसार 15 अगस्त, सोमवार के दिन मीन राशि में गजकेसरी योग का निर्माण हो रहा है। 15 अगस्त को चंद्रमा और देवगुरु बृहस्पित को साथ होने से गजकेसरी योग का निर्माण हो रहा है। गजकेसरी योग के साथ इस दिन गणेश चतुर्थी भी है। भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष में होने के कारण यह चतुर्थी संकष्टी चतुर्थी कहलाती है। आइए जानते हैं गजकेसरी योग क्यों है खास और मीन राशि के जातकों को यह योग क्या लाभ प्रदान करेगा। 
15 अगस्त को इस राशि की कुंडली में बनेगा 'गजकेसरी योग',
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15 अगस्त पर बन रहे हैं विशेष योग 
तिथि: 15 अगस्त, सोमवार 
उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र: रात्रि 09:06 मिनट तक 
धृति योग रात 11 बजकर 23 मिनट तक 
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मीन राशि में हो रहा है गजकेसरी योग निर्माण
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मीन राशि में हो रहा है गजकेसरी योग निर्माण 
15 अगस्त, सोमवार का दिन मीन राशि के जातकों के लिए बेहद शुभ रहेगा। 15 अगस्त को मीन राशि में अतिशुभ योग का निर्माण हो रहा है। इस दिन मीन राशि में गजकेसरी योग का निर्माण हो रहा है। गजकेसरी योग के कारण मीन राशि वालों को विशेष फल प्रदान करेगा। वर्तमान में मीन राशि में देवगुरु बृहस्पति विराजमान है। और कल यानी 15 अगस्त को मीन राशि में चंद्रमा का भी प्रवेश हो जाएगा। इस हिसाब से चंद्रमा और देवगुरु बृहस्पति की युति गजकेसरी योग का निर्माण करेगी। 
क्या है गजकेसरी योग
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क्या है गजकेसरी योग 
गजकेसरी योग बेहद शुभ योग माना जाता है। यह जिस भी जातक की कुंडली में बनता है उसका भाग्य प्रबल हो जाता है। गजकेसरी योग धन के कारक गुरु और मन के कारक चंद्रमा से मिलने पर बनता है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार कुंडली में गुरु और चंद्र दोनों ही बेहद शुभ ग्रह माने जाते हैं  और जब गुरु और चंद्र पूर्ण बलवान हो तो गजकेसरी योग का निर्माण होता है। 
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गजकेसरी योग के निर्माण से जीवन में शक्ति, साहस के साथ सुख समृद्धि की वृद्धि होती है।
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गजकेसरी योग का महत्व 
वैदिक ज्योतिष के अनुसार कुछ विशेष योगों में गजकेसरी योग भी शमिल हैं। यहां गज का अर्थ है हाथी और केसरी अर्थात सिंह। इस प्रकार हाथी जैसे शक्ति और सिंह जैसा साहस मनुष्य के जीवन में सुख और समृद्धि दोनों लेकर आता है। इसीलिए गजकेसरी योग के निर्माण से जीवन में शक्ति, साहस के साथ सुख समृद्धि की वृद्धि होती है। 
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