महासमाधि में लीन हुए रविनाथ महाराज, 27 मई को होगी चादर रस्म

अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर  Updated Wed, 17 May 2017 06:29 PM IST
विज्ञापन
religion
religion - फोटो : Demo pic

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
सिद्ध पुरुष रविनाथ महाराज महासमाधि में लीन हो गए है। मंगलवार को उनके शिष्य योगी रमणनाथ एवं योगी भावनाथ ने नाथ योगेश्वरों की उपस्थिति में उनके पार्थिव शरीर को समाधि में विराजमान किया। इस दौरानन हजारों सेवकों और श्रद्धालुओं ने नम आंखों एवं संपूर्ण श्रद्धा के साथ अंतिम विदाई दी।
विज्ञापन

योगी रमणनाथ जी ने बताया कि नाथ संप्रदाय से दीक्षा लेने के बाद करीब दो दशक तक रविनाथ जी महाराज ने भारत भ्रमण किया। इसके बाद पिछले तीन दशकों से वह हरमाड़ा में जोड़ला स्थित श्रीनाथ कुंज में निवास कर रहे थे। रविनाथ जी को श्रद्धालु नाथ जी महाराज के नाम से जाने जाते थे। उनके दो संदेश बहुत महत्वपूर्ण रहे। इनमें पहला यह कि हर व्यक्ति को इस जीवन के लिए ईश्वर के प्रति सतत आभार अवश्य करना चाहिए। दूसरा यह कि हर व्यक्ति अपने आप में शक्ति पुंज है, लेकिन सही मार्ग पर चल कर सतत प्रयत्नशील रहकर वह इस स्थिति तक पहुंच सकता है। श्री नाथ कुंज में अब 27 मई को सुबह समाधि पूजन, श्रद्धांजलि सभा और चादर रस्म के साथ भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X