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पाकिस्तानी पीएम को राहत, सुनवाई टली

इसलामाबाद/एजेंसी Updated Mon, 27 Aug 2012 12:00 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट में अवमानना मामले में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रजा परवेज अशरफ को तीन हफ्ते की राहत मिल गई है। अशरफ सोमवार को सर्वोच्च अदालत में पेश हुए। सर्वोच्च अदालत ने राष्ट्रपति जरदारी के खिलाफ स्विट्जरलैंड में भ्रष्टाचार के मामले दोबारा खोलने में असफल रहने पर अशरफ को अवमानना मामले में तलब किया था।
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चीन यात्रा के बहाने मिली राहत
गौरतलब है कि इससे पहले जरदारी के खिलाफ मामले खोलने से इनकार करने पर सर्वोच्च अदालत यूसुफ रजा गिलानी को अयोग्य ठहरा चुकी है जिसके बाद उन्हें प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा था। जस्टिस आसिफ सईद खोसा की अध्यक्षता वाली पांच जजों वाली बेंच ने मामले की तारीख पहले 12 सितंबर तक बढ़ाई, लेकिन पीएम अशरफ द्वारा 14 सितंबर तक चीन की यात्रा पर रहने की बात कहने पर मामले की अगली तारीख 18 सितंबर मुकर्रर कर दी।

खुल सकता है जरदारी के खिलाफ मुकदमा
बेंच ने अशरफ को अगली तारीख पर अदालत में उपस्थित रहने का भी निर्देश दिया। जरदारी के खिलाफ स्विट्जरलैंड में भ्रष्टाचार के मामले खोलने से इनकार करने पर अवमानना के मामले में अदालत में पेश होने वाले देश के दूसरे प्रधानमंत्री हो गए हैं अशरफ। लगभग 45 मिनट तक चली सुनवाई के दौरान अदालत ने अशरफ से फिर से कहा कि वह जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले फिर से खोलने के लिए स्विट्जरलैंड से संपर्क करने का आश्वासन दें।

अशरफ ने SC के प्रति जताई प्रतिबद्घता
जस्टिस खोसा ने कहा कि अशरफ खुद स्विस अधिकारियों को खुद पत्र न लिखें तो इसके लिए किसी और को नामित कर सकते हैं। जवाब में अशरफ ने कहा, ‘हम इस मुद्दे को उचित तरीके से हल करने की कोशिश करेंगे, जिससे सर्वोच्च अदालत की गरिमा और सम्मान बरकरार रहे।’ पाक पीएम ने कहा, ‘मेरा मानना है कि इस मुद्दे को लंबित रखना पाकिस्तान के हित में नहीं है। हम अदालत को में सकारात्मक प्रतिबद्धता जताते हैं कि हम इस मुद्दे को हल करेंगे।’

अशरफ ने कहा कि वह न्यायपालिका का सम्मान करते हैं और मामले के हल के लिए चार से छह हफ्ते का समय चाहते हैं, जिससे कानून के विशेषज्ञों से सलाह मशविरा किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने पूर्ववर्ती पीएम गिलानी की ही तरह अदालत में पेश हुए हैं। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट इससे पहले संसद द्वारा पारित उस कानून को खारिज कर चुकी है जिसकी मदद से सत्तारूढ़ पार्टी पीएम अशरफ को अदालत की अवमानना से बचाना चाहती थी।

'अभियुक्त नहीं पीएम के रूप में पेश हुए अशरफ'
अशरफ ने अदालत से 8 अगस्त को उनके खिलाफ जारी अवमानना मामले में कारण बताओ नोटिस वापस लेने की अपील की। जस्टिस खोसा ने कहा कि प्रधानमंत्री अभियुक्त के रूप में अदालत में नहीं पेश हुए हैं बल्कि एक सम्मनित देश के पीएम के रूप में पेश हुए हैं। जस्टिस खोसा ने यह भी कहा कि अदालत को कोई आश्वासन नहीं दिया गया है, अब कानून के अनुसार मामले का समाधान किया जाएगा।

अदालत का सुझाव
प्रधानमंत्री कानून मंत्रालय को अदालत के आदेश पर अमल करने के लिए राष्ट्रपति जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले फिर से खोलने के लिए स्विस अधिकारियों को पत्र लिखने का निर्देश दे सकते हैं।

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