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बच्चे पैदा करने को नहीं होगी साथी की जरूरत

लंदन/एजेंसी Updated Sun, 19 Aug 2012 12:00 PM IST
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भविष्य में किसी पुरुष या महिला को बच्चे पैदा करने के लिए दूसरे साथी की जरूरत नहीं होगी। भारतीय मूल की एक विज्ञानी ने यह दावा किया है। लंदन के इंपीरियल कॉलेज की आरती प्रसाद ने कहा कि इनसान भी भविष्य में सेक्स या स्पर्म डोनर की मदद के बिना ही बच्चे पैदा कर सकेगा।
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भारतीय वैज्ञानिक आरती ने किया दावा
आरती ने कहा कि आज से सालों पहले टेस्ट ट्यूब बेबी तकनीक के बारे में किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी, लेकिन अब यह हकीकत है। उसी तरह भविष्य में बिना सेक्स के बच्चे पैदा करना भी आम बात होगी। अपनी किताब ‘लिविंग ए वर्जिन’ में आरती ने इस गंभीर मुद्दे पर प्रकाश डाला है।
इसमें कहा गया कि हम ऐसे संसार में रह रहे हैं, जहां विज्ञान हर चीज को प्रभावित कर सकता है, यहां तक कि पुनरुत्पादन को भी।

ऑस्ट्रेलिया में हुई कृत्रिम गर्भाशयों की खोज
आरती ने कहा है कि वर्जिन बर्थ अब विज्ञान की हकीकत बन चुके हैं। वैज्ञानिक कृत्रिम गर्भाशय तैयार कर चुके हैं, जो प्लास्टिक का एक कंटेनर होता है। उसमें वही द्रव और बैक्टीरिया होते हैं, जो प्राकृतिक गर्भाशय में होते हैं। इन कृत्रिम गर्भाशयों की खोज ऑस्ट्रेलिया में हुई है।

आरती के मुताबिक एक दिन यह संभव होगा, जब कोई पुरुष किसी महिला के सहयोग के बिना ही इन कृत्रिम गर्भाशयों में बच्चा विकसित कर सकेगा। वह बताती हैं कि कृत्रिम स्पर्म पहले ही विकसित किए जा चुके हैं। ऐसे स्पर्म से बच्चे पैदा किए जा चुके हैं। ऐसे में वैज्ञानिकों के लिए कृत्रिम अंडाणु विकसित करना भी दूर की बात नहीं दिखती है।

विलुप्त होने के कगार पर है वाई क्रोमोसोम
आरती की किताब में इतिहास के कई ऐसे रोचक मामलों का जिक्र है, जिनसे लगता है कि बिना सेक्स के बच्चा पैदा करने की तकनीक खोजना अब बहुत मुश्किल नहीं है। आरती चेताती हैं कि दुनिया में नपुंसकता बढ़ रही है। इससे लगता है कि मानव जाति में बच्चे पैदा करने के सामान्य तरीके पर खतरे की तलवार लटक रही है। वह यह भी कहती हैं कि वाई क्रोमोसोम विलुप्त होने के कगार पर है।

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