कयानी को पाक में गृह युद्ध का डर

इसलामाबाद/एजेंसी Updated Tue, 14 Aug 2012 12:00 PM IST
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पाक सेना प्रमुख कयानी को देश में गृह युद्ध का डर सता रहा है। देश के अशांत कबायली इलाके में आतंकवाद विरोधी एक नए अभियान के अटकलों के बीच सेना प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी ने चेतावनी दी है कि यदि आतंकवाद के खिलाफ युद्ध नहीं लड़ा जाता है, तो देश में गृह युद्ध छिड़ सकता है। वह स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ‘पाकिस्तान मिलिट्री अकादमी में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे।
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अपने संबोधन में कयानी ने कहा कि उग्रवाद और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई हमारा अपना युद्ध है और इसके खिलाफ लड़ाई लड़ कर हम सही कर रहे हैं। इस बारे में कोई संदेह नहीं रहने दिया जाए, अन्यथा हम बंट जाएंगे और गृह युद्ध की ओर अग्रसर हो जाएंगे। हमारा विचार इस बारे में स्पष्ट होना चाहिए।
मालूम हो कि कयानी की टिप्पणी अमेरिकी रक्षा मंत्री लियोन पेनेटा की उस टिप्पणी के मद्देनजर आई है, जिसके तहत उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान सेना प्रमुख ने अमेरिकी सैन्य अधिकारियों को सूचित किया था कि निकट भविष्य में तालिबान के खिलाफ कबायली क्षेत्र में एक नया अभियान शुरू किया जाएगा। पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने दोहराया कि उनके सैन्य बल आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन यह स्वीकार किया कि उग्रवाद विरोधी अभियान आसान नहीं है।
कयानी ने कहा कि हम इस बात को महसूस करते हैं कि किसी भी सेना का सबसे मुश्किल कार्य अपने ही लोगों के खिलाफ लड़ना होता है, लेकिन यह आखिरी विकल्प होता है। हमारा असली उद्देश्य इन इलाकों में शांति लौटाना है ताकि लोग अमन चैन से जी सकें। उन्होंने कहा कि कोई भी देश समानांतर प्रणाली या एक उग्र बल को वहन नहीं कर सकता।

कयानी ने स्पष्ट कर दिया कि आतंकवादियों और उग्रवादियों के खिलाफ लड़ाई पूरे राष्ट्र के द्वारा लड़ी जाए, न कि सिर्फ सेना के द्वारा लड़ी जाए। उन्होंने देश की असैन्य सरकार के खराब कामकाज की ओर भी इशारा करते हुए कहा कि आर्थिक संकट, भ्रष्टाचार और नागरिक सुविधाओं की बदतर स्थिति लोगों को आगे के लिए सोचने से रोक रही है।

अल्पसंख्यकों की भी चर्चा
कयानी ने अपने भाषण के दौरान पाकिस्तान छोड़ कर भारत पलायन करने वाले हिंदू अल्पसंख्यकों की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के रूप में एक ऐसे देश की कल्पना की गई थी, जहां सभी अल्पसंख्यकों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के निर्माण के पीछे सिर्फ जमीन के एक टुकड़े को अलग करना नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक ऐसे मुस्लिम कल्याणकारी राज्य की स्थापना करना था, जहां आधुनिक समाज के लिए बुनियाद बनाई जा सके।
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