आतंकियों से लेन-देन पर HSBC ने मांगी माफी

वाशिंगटन/एजेंसी Updated Wed, 18 Jul 2012 12:00 PM IST
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आतंकियों और नशीले पदार्थ का अवैध व्यापार करने वालों के साथ लेने-देने के आरोपों से घिरे एचएसबीसी बैंक ने अपनी गलतियों के लिए माफी मांगा है। एचएसबीसी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि पिछले कुछ सालों में नियंत्रक और ग्राहकों के मापदंडों को पूरा करने में असफल होने पर हम माफी मांगते हैं। बैंक का मनना है कि ग्राहकों से लेन-देन के दौरान नियमों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए।
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गौरतबल है कि अमेरिकी सीनेट के एक पैनल ने आरोप लगाया है कि एचएसबीसी बैंक ने आतंकियों, मनी लॉड्रिंग से जुड़े लोगों और नशीले पदार्थ का अवैध व्यापार करने वालों के साथ अरबों डॉलर का लेनदेन किया है। बैंक ने ऐसा अमेरिका ही नहीं कई देशों में किया, संभवत: इसमें भारत भी हो सकता है।
ऐसा जोखिम को नियंत्रित करने की बैंक की खराब क्षमता के कारण हुआ है। इस वैश्विक बैंक के कार्यकलाप की एक वर्ष तक जांच करने के बाद अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन सीनेट की ‘परमानेंट सब कमेटी ऑन इन्वेस्टीगेशन’ ने कहा है कि एचएसबीसी ने सऊदी अरब की अल रजही बैंक के साथ भी कारोबार किया है। इसके मुख्य संस्थापक को पहले अल कायदा का वित्तीय संरक्षण मिला हुआ था। एचएसबीसी पर मैक्सिको, ईरान, उत्तर कोरिया, सऊदी अरब, बांग्लादेश, सीरिया, क्यूबा, सूडान, म्यांमार, जापान और रूस की संस्थाओं के साथ संदिग्ध लेनदेन के आरोप भी लगाए गए हैं।
एचएसबीसी पर विशेष रूप से आरोप लगाया गया है कि उसने सऊदी अरब और बांग्लादेश के उन बैंकों को डॉलर और बैंकिग सेवा प्रदान की जो आतंकियों को राशि उपलब्ध कराने से जुड़े रहे हैं। सब कमेटी की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए एचएसबीसी ने कहा है कि वह पूर्व में नियामक की शर्तों का पालन नहीं करने और ग्राहक मापदंडों पर खरा नहीं उतरने के लिए माफी मांगेगा। कमेटी ने जांच से संबंधित संक्षिप्त रिपोर्ट सोमवार को जारी की।
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