ब्रिटेन में मीडिया और नेताओं में मधुर संबंध

लंदन/एजेंसी Updated Mon, 18 Jun 2012 12:00 PM IST
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यह बात थोड़ी अटपटी, लेकिन दिलचस्प जरूर है। फोन हैकिंग विवाद के सामने आने के बाद ब्रिटेन में कराई गई एक सरकारी जांच में मीडिया और सियासतदानों के बीच के मधुर संबंधों की बात सामने आई है।
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रूपर्ट मुर्डोक के प्रकाशन ‘न्यूज ऑफ द वल्ड’ से जुड़े फोन हैकिंग स्कैंडल के सामने आने के बाद जुलाई, 2011 में जांच की शुरुआत की गई थी। जांच का सीधा प्रसारण किया गया और इसने दर्शकों का ध्यान भी खींचा।
मर्डोक के स्वामित्व वाली कंपनी न्यूज इंटरनेशनल के तहत प्रकाशनों के पत्रकारों पर आरोप लगा था कि उन्होंने सनसनीखेज खबरों की चाहत में फोन हैक कराए और पुलिस व अधिकारियों को घूस दिए।
न्यायमूर्ति लॉर्ड लेनेसन के नेतृत्व में इस मामले की जांच का एलान बीते साल प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने किया था। कैमरन ने जांच समिति को बताया कि ब्रिटेन में नेताओं और मीडिया के बीच रिश्ता बीते दो दशकों के दौरान गलते ढर्रे पर चला गया है और इसे फिर से सही रास्ते पर लाने की जरूरत है।

जांच के बाद सामने आए मुद्दों के बारे में पूछे जाने पर भारतीय मूल के उद्योगपति लॉर्ड स्वराज पॉल ने कहा कि मुख्य मुद्दा मधुर संबंधों का ही रहा है। पॉल ने कहा कि प्रधानमंत्री कैमरन को दो बार इस बात से इनकार करना पड़ा कि फोन हैकिंग मामले से उनका कोई लेना-देना है। किसी ने उन पर आरोप नहीं लगाया था। शिक्षा मंत्री माइकल गोव का मानना है कि इस जांच का पहले ही अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर काफी असर पड़ चुका है।
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