अब गूगल के दायरे में होगी आपकी निजी जिंदगी?

लंदन/इंटरनेट डेस्क Updated Tue, 12 Jun 2012 12:00 PM IST
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चंद क्लिक पर दुनिया के किसी भी हिस्से की जानकारी उपलब्ध कराने वाला गूगल अब हमारे घरों में झाकने की तैयारी में जुटी है। गूगल जानकारियां जुटाने के लिए सेनाओं में प्रयोग होने वाले शक्तिशाली कैमरों का इस्तेमाल कर रही है।
इन कैमरों से घर के भीतर होने वाली हर छोटी-बड़ी घटनाओं की मैपिंग की जा सकती है। ये कैमरे आपके घर की फर्श पर पड़ी चार इंच चौड़ी वस्तु को आसमान की 1600 फीट की ऊंचाई से तस्वीर लेने में सक्षम है।

डेलीमेल अखबार कि माने तो गूगल इन कैमरों से तस्वीरें लेने के लिए हाइटेक मैपिंग प्लेन का इस्तेमाल करेगी। खास बात यह है कि ये कैमरें तारों की रोशनी में भी घरों के अंदर की तस्वीर खिंचने में सक्षम है। यानी अब आपकी बेडरूम लाइफ भी इन कैमरों के दायरे में होंगी। इससे सबसे बड़ा खतरा आपकी प्राइवेट लाइफ के सार्वजनिक होने की है।

ये खोजी प्लेन हर घंटे में 40 स्क्वेयर मील की फोटोग्राफी कर सकते हैं। अखबार के मुताबिक प्रमुख अमेरिकी कंपनी एपल भी इन खोजी कैमरों का इस्तेमाल करेगी।

'गूगल अर्थ' को मजबूत करने की तैयारी
सर्च इंजन गूगल अपने एप्लीकेशन 'गूगल अर्थ' पर ज्यादा सटीक और स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने के लिए शक्तिशाली कैमरों की मदद से दुनिया के कई हिस्सों का 3डी मैप बनाएगा। गूगल अर्थ एप्लीकेशन को मजबूत करने के लिए सैटलाइट से ली गई तस्वीरें भी जारी की जाएगी। गूगल को उम्मीद है कि इस साल के आखिर तक शहरों और कस्बों की 3डी कवरेज हो जाएगी।

'हाई रेज्योलुशन पिक्चर खिंचता है यह कैमरा
वहीं अमेरिकी कंपनी एपल आईफोन और बाकी डिवाइस के लिए अपने नए मैपिंग ऐप्लिकेशंस का खुलासा जल्द करेगी। एपल के नए प्रोडक्ट्स में प्राइवेसी सेफगार्ड भी होगा। इसके 3डी मैप पहली बार ऊंची इमारतों की साइड की दीवारें भी दिखा सकेंगे।

मौजूदा 3डी मैपिंग तकनीक ऊपर से ली गई तस्वीरों पर आधारित है। इसका रेज्योलुशन एपल की भावी तकनीक के रेज्योलुशन के मुकाबले काफी कम होता है। इसका मतलब हुआ कि जब यूजर्स इमेज और पास से देखने के लिए जूम इन करते हैं तो डिटेल गायब धुंधली पड़ जाती हैं क्योंकि इमेज की क्वॉलिटी इतनी अच्छी नहीं होती। लेकिन इन खोजी कैमरों की ली गई तस्वीरों की क्वालिटी काफी अच्छी होगी।

इन कैमरों से तलाशे जाते हैं आतंकी
इन शक्तिशाली कैमरों को प्रयोग मुख्य रूप से सेना करती है। इस तकनीक की मदद से इंटेलिजेंस एजेंसियां आतंकवादी ठिकानों को पहचानने में इस्तेमाल करती हैं। गूगल की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि उसने दुनिया के कई शहरों के ऊपर से ऐसे प्लेन गुजारे हैं। वहीं एपल का कहना है कि उसने ऐसी फर्म खरीदी है जो आसमान से घरों के अंदर की जासूसी करने की तकनीक रखती है। एपल ने लंदन सहित दुनिया के करीब 20 शहरों में इस तकनीक का प्रयोग कर चुकी है।

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