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वीजा घोटाले में भारतीय छात्रों को राहत

वाशिंगटन/एजेंसी Updated Thu, 07 Jun 2012 12:00 PM IST
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न्यूजर्सी स्थित शिक्षण संस्थानों के आठ अधिकारियों को वीजा धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में ज्यादातर भारतीय मूल के लोग शामिल हैं। संघीय अधिकारियों ने ज्यादातर छात्रों खासकर भारतीय छात्रों को पढ़ाई जारी रखने या वापस लौटने समेत कई विकल्प दिए हैं।
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पिछले साल कैलिफोर्निया स्थित ट्राई वैली यूनिवर्सिटी में हुए ऐसे मामले पर भारत की कड़ी प्रतिक्रिया को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने भारतीय छात्रों को अपनी पढ़ाई जारी रखने या देश वापसी का विकल्प दिया है। यह मामला ट्राई वैली यूनिवर्सिटी (टीवीयू) के मामले से अलग है, जहां जालसाजी को लेकर छात्र गिरफ्तार किए गए थे और उन्हें रेडियो टैग लगाकर रखा गया था।
न्यूजर्सी स्थित अमेरिकन हेल्थ एंड टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट (एएचटीआई) और विजन करियर कंसल्टेंट्स (वीसीसी) के अधिकारियों को पकड़ा गया है। वीसीसी विदेशी छात्रों को एएचटीआई में प्रवेश कराने में मदद करती थी और उनसे मोटी फीस वसूलती थी। वीसीसी की ब्रिटेन, आस्ट्रेलिया, भारत और न्यूजीलैंड में शाखाएं हैं। खास बात यह है कि भारत में वीसीसी की पांच शाखाएं हैं और यह सभी गुजरात के अहमदाबाद, आणंद, बडौदा, नाडियाड और गांधीनगर में है। 15 साल पुराने एएचटीआई में करीब 200 विदेशी छात्र पढ़ते हैं, इनमें ज्यादातर छात्र भारतीय हैं।
आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन द्वारा गिरफ्तार किए गए आठ लोगों में एएचटीआई का अध्यक्ष मनामदुरई सोमलिंगम भी शामिल है। इन सभी को गिरफ्तारी के बाद अदालत ने जमानत पर रिहा कर दिया। उल्लेखनीय है कि पिछले साल जनवरी में टीवीयू के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और वीजा नियमों के उल्लंघन की शिकायत दर्ज होने के बाद विश्वविद्यालय को बंद कर दिया गया था। इसमें भी 95 फीसदी छात्र भारतीय थे।
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