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'आभा के मामले में संवेदनशीलता दिखाए अमेरिका'

वाशिंगटन/एजेंसी Updated Sun, 27 May 2012 12:00 PM IST
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नई दिल्ली ने लावारिस भारतीय कैरी आभा शेफर्ड के मामले में वाशिंगटन से जरूरी दस्तावेज मांगने के बाद इस मामले में दया और संवेदनशीलता बरतने को कहा है। फिलहाल अमेरिका ने कहा है कि आभा शेफर्ड का निर्वासन उसके अप्रवास नियमों के आधार पर ही किया जाएगा और आगे की कार्रवाई भी इसी प्रक्रिया के तहत होगी।
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भारत ने कहा था कि शेफर्ड को देश से निकालने से पहले इस मामले के मानवीय पहलू को ध्यान में रखा जाना चाहिए। आभा जब तीन साल की थी तब उसे कोलकाता की एक उथाह महिला द्वारा गोद लिया गया था। तब से वह अमेरिका में ही रह रही है।

साल 2004 में आभा को जालसाजी की कोशिश और थर्ड डिग्री की जालसाजी का दोषी पाया गया था। उसकी सजा पूरी होने के बाद अमेरिकी सरकार ने उसे देश से निकालने की प्रक्रिया शुरू की। वर्तमान में 30 वर्षीय आभा आपराधिक विदेशी होने के आरोप में निर्वासन की प्रक्रिया झेल रही हैं।

भारत के आग्रह पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी आव्रजन और सीमाशुल्क (आईसीई) कार्यबल ने कहा कि निर्वासन कार्यवाही आप्रवास प्रवर्तन प्राथमिकताओं के आधार पर होगी।

इस मसले पर आईसीई के प्रवक्ता वर्जीनिया कीस ने कहा कि आईसीआई ने आभा के मामले की लंबी समीक्षा की है। और हमारा विश्वास है कि उनका निर्वासन एजेंसी की तर्कसंगत अप्रवास प्रवर्तन प्राथमिकताओं के आधार पर होगा।

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