इंग्लिश बोलकर ठगने वाले

राकेश Updated Sat, 21 Jul 2012 12:00 PM IST
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thugs who speak english

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भारतीय समाज में अंग्रेजी बोलने वालों को सभ्य माना जाता है। लोग ऐसे लोगों पर जल्दी शक नहीं करते हैं जो अच्छे कपड़े पहने होते हैं और फर्राटेदार अंग्रेजी बोलते हैं। इसका फायदा उठाकर कुछ पढ़े-लिखे युवा आसानी से धनवान बनने के लिए ठगी के धंधे में उतर आए हैं। ट्रेन में सफर करने वाले आसानी से उनका शिकार बन जाते हैं।
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पिछले दिनों ऐसा ही एक मामला भोपाल से आया है। अरूण नाम का एक ग्रेजुएट लड़का एक दवा कंपनी में एमआर था। कंपनी ने जब उसे नौकरी से निकाल दिया तो वह ठग बन गया। ट्रेन में लोगों के बीच अंग्रेजी बोलकर अपनी धाक जमा लेता था और मौका मिलते ही वह यात्रियों का सामान लेकर निकल जाता था।
लोग अरूण पर शक भी नहीं करते थे क्योंकि वह पढ़ा-लिखा सभ्य इंसान दिखता था। लेकिन जब जीआरपी ने एक शिकायत पर जांच शुरू की तो शक की सुई अरूण की ओर घूम गयी और जीआरपी की टीम अरूण के घर पहुंच गयी। अरूण नामक के ग्रेजुएट ठग के घर से ठगी के लाखों के सामान बरामद किये गये।
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