बेबी वीयरिंग थेरेपी

प्रियंका पांडेय पाडलीकर Updated Sat, 21 Jul 2012 12:00 PM IST
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baby wearing therapy

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कंगारू थेरेपी से बहत हद तक मिलती है बेबी वीयरिंग थेरेपी, जिसमें बच्चे को माताएं अपनी कमर से बांधकर रखती हैं। वैसे तो दुनिया के कई हिस्सों में लोकप्रिय सदियों पुरानी इस परंपरा को हम सामान्य रूप से गोद में बच्चे को रखने से जोड़कर देख सकते हैं, लेकिन इस थेरेपी के वैज्ञानिक पहलुओं पर गौर करना भी बहुत जरूरी है।
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इस थेरेपी में मां के शरीर से निकलने वाले 'ऑक्सीटोसिन' नामक हार्मोन के संपर्क में शिशु आता है जिससे शिशु और मां का जुड़ाव बढ़ जाता है। इस विधि से बच्चे कम रोते हैं और उनके दिमाग का विका, गैस्ट्रो-इंटेस्टाइनल और श्वास संबंधी विकास आसानी से होता है।
इतना ही नहीं, इससे बच्चों को सोशल होने, चेहरे के भाव, भाषा व बॉडी लैंग्वेज समझने में आसानी होती है।
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