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बीमारियों का ग्लैमराइजेशन

अनुराधा गोयल Updated Thu, 19 Jul 2012 12:00 PM IST
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glamourizing films with medical conditions
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गुजरे दौर और आज के दौर दोनों दौर में अमूमन फिल्में बीमारियों पर बनी और हिट भी रहीं। लेकिन दोनों ही दशकों में एक बात खासी हैरान करती है कि जैसे-जैसे दशक बदले, फिल्मों का ट्रेंड और विषय भी बदलते गए। फिल्मों में दिखाई जाने वाली बीमारियां या बीमारियों से संबंधित विषयों में भी परिवर्तन होने लगा। दोनों ही दौर की फिल्मों में विषय वही रहा लेकिन मूल चीज बीमारियों में बदलाव हो गया।
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पहले के दौर में जहां कैंसर, अंधापन, पागलपन, गूंगापन या बहरापन जैसी बीमारियों को अधिक हाईलाइट किया गया, वहीं आज के दौर में प्रोजेरिया, क्वाड्रो प्लेजिया, ऑस्टिम, शिजोफ्रेनिया, एचआईवी एड्स, डिस्लेसिया, एंट्रोग्रेड एमनेसिया जैसी बीमारियों को ज्यादा हाईलाइट किया जाता है।




सवाल - क्या फिल्मों में बीमारियों को गंभीरता से चित्रित किया जाता है ?

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