पुरुष की शरीर में औरत की जिंदगी जीती रही वाल्श

राम शंकर Updated Sat, 14 Jul 2012 12:00 PM IST
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1930 के बर्लिन ओलंपिक में 100 मीटर की दौड़ में पोलैंड की स्टेला वाल्श ने स्वर्ण पदक जीता था। स्टेला की मौत के बाद यह खुलासा हुआ कि वह पुरुष एथलीट था। उसके शरीर में x-x क्रोमोजोम और x-y क्रोमोजोम दोनों थे। वाल्श का जन्म पोलैंड में 1911 में हुआ। हालांकि उसका पालन पोषण अमेरिका में हुआ। 1932 और 1936 के ओलंपिक में उसने पोलैंड की ओर से भाग लिया।
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अपने करियर में वाल्श ने 100 से अधिक नेशनल और इंटरनेशनल रिकॉर्ड बनाए। उसने पूरी जिंदगी एक औरत की तरह गुजारी। यहां तक कि उसने एक अमेरिकन से विवाह भी किया। 1980 में ओहियो में लूट के दौरान कुछ लुटेरों ने उसको गोली मार दी। शव परीक्षण में इसका खुलासा हुआ कि उसमें जेनिटेलिया (पुरुष जननांग) था।
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