कैसे होती है जेंडर की पहचान

राम शंकर Updated Sat, 14 Jul 2012 12:00 PM IST
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how gender is identified

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खुद को महिला बताने वाली पिंकी के दावे की जांच के लिए डॉक्टरों ने तीन बार उनके खून और अन्य नमूने लिए। डॉक्टरों के मुताबिक वैसे तो x-x क्रोमोजोम वाली महिलाएं होती है और x-y क्रोमोजोम वाले पुरुष। मामला तब उलझ जाता है जब किसी शख्स में पुरुष और महिला दोनों के अंग होते हैं।
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कुछ लोगों में टेस्टिस यानी वीर्यकोष और ओवरी यानी अण्डाशय दोनों ही मौजूद होते हैं जिन्हें डॉक्टरी भाषा में ओवोटेस्टिस कहा जाता है। सामान्यतः जेंडर टेस्ट यानी लिंग निरीक्षण के लिए सबसे पहले शारीरिक निरीक्षण करने के बाद करयोटाइप टेस्ट (रक्त जांच) किया जाता है। इसके बाद अल्ट्रासाउंड से यह जानने की कोशिश की जाती है कि कहीं कोई अंग शरीर के अंदर ही तो नहीं रह गए। सभी टेस्ट को मिलाकर इस निष्कर्ष पहुंचा जाता है कि व्यक्ति पुरुष है या महिला।
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