विज्ञापन

उत्तर में कमजोर क्यों पड़ता है मानसून

विनीता वशिष्ठ Updated Fri, 29 Jun 2012 12:00 PM IST
why monsoon grows weak after reaching northern india
ख़बर सुनें
ऐसा क्यों है कि दक्षिण में जमकर बरसने वाला मानसून उत्तर भारत तक पहुंचते पहुंचते कमजोर हो जाता है। आखिर क्यों बंगाल की खाड़ी से उठने वाली मानसूनी हवाएं उत्तर भारत को कम भिगोती है। बंगाल की खाड़ी से उठकर ये दो शाखाओं में बँट जाती हैं। पहली शाखा गंगा के डेल्टा प्रदेश को पार कर मेघालय की गारो, खासी और जयंतिया पहाड़ियों से टकराकर भारी बारिश करती है। दूसरी शाखा सीधे हिमालय पर्वत की श्रेणियों से टकराती है तथा पश्चिम की ओर हिमालय पर्वत के साथ-साथ चलना शुरू कर देती है। इन्हीं हवाओं की मेहरबानी से उत्तर भारत में बरसात होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
क्यों थक जाती हैं नमी वाली हवाएं


मानसूनी हवाएं जैसे-जैसे पूर्व में उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ना शुरू करती है इन हवाओं में नमी कम होती है। पश्चिम की ओर जाने पर पटना और इलाहाबाद में 105 सेमी बारिश और दिल्ली तक मात्र 56 सेमी बारिश हो पाती है। पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और आंध्रप्रदेश के तटीय भाग बंगाल की खाड़ी के प्रभाव से ज्यादा वर्षा पा जाते हैं जबकि तमिलनाडु का कोरोमंडल तट बंगाल की खाड़ी के समानांतर होने से शुक्र रह जाता है। यहाँ लौटते हुए मानसून से नवंबर-दिसंबर में बारिश होती है।

Recommended

बच्चों के विकास के लिए बेहद जरूरी है देसी घी, जानें इसके फायदे
ADVERTORIAL

बच्चों के विकास के लिए बेहद जरूरी है देसी घी, जानें इसके फायदे

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

City and States Archives

गोरखपुर स्पोर्ट्स कॉलेज बना चैंपियन

- रोमांचक फाइनल मुकाबले में पीएसी गाजियाबाद को हराया - विजेता टीम को खेल मंत्री चेतन चौहान ने किया पुरस्कृत

19 जनवरी 2019

विज्ञापन

हरदोई में प्रेमी युगल ने की खुदखुशी, बताई ये वजह

उत्तर प्रदेश के हरदोई में एक प्रेमी युगल की आत्महत्या का मामला सामने आया है।

18 जनवरी 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree