पैसा नहीं पानी के कारण कुंवारा दुल्हा

राकेश कुमार झा Updated Wed, 06 Jun 2012 12:00 PM IST
groom unmarried due to water not money
ख़बर सुनें
आमतौर पर जब माता-पिता अपनी बेटियों की शादी की बात करते हैं तो यह देखते हैं कि लड़का कमाता कितना है। लड़के की माली हालत और पारिवारिक स्थिति कैसी है। लेकिन गुजरात के वडोदरा जिले के देवालिया तथा जैतपुर गांवों के लड़कों की शादी इसलिए नहीं हो पा रही है क्योंकि इस गांव में पानी का स्थायी प्रबंध नहीं है। 'बेटियों के पिता कहते हैं बेटी भले कुंवारी रह जाय इस गांव नहीं ब्याहेंगे।'
इस गांव के साथ सबसे बड़ी विडम्बना यह है कि यह गांव सरदार सरोवर बांध परियोजना से महज 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। बावजूद इसके गांवों की महिलाओं को पानी भरने के लिए रोजाना मीलों का सफर तय करना पड़ता है। गुजरात के इन गांवों की तरह हरियाणा के रेवाड़ी जिला का नांधा गांव भी इसी दर्द को झेल रहा है। बेटी कहीं प्यास से न मर जाए इस डर से कोई इस गांव में अपनी बेटी की शादी नहीं करना चाहता।



भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई से महज तीन घंटे की दूरी पर शाहपुरा गांव बसा है। इस गांव की कहानी तो और भी अजीबो-गरीब है। यहां पानी की किल्लत के कारण एक नहीं तीन-तीन शादियां कर रहे हैं लोग। एक पत्नी घर का काम देखती है जबकि दो पत्नी दूर-दराज के क्षेत्रों से पानी लाती है।

Spotlight

Most Read

Other Archives

शहरियों ने कटा दी नाक, सिर्फ 58.89 फीसदी मतदान

बिंदकी समेत अन्य ने की पूरी मेहनत, रहे अव्वल हथगाम ने इस बार भी बाजी मारी, पांच फीसदी उछला

30 नवंबर 2017

Other Archives

35 घायल

28 नवंबर 2017

Other Archives

अवैध कट

13 नवंबर 2017

Related Videos

VIDEO: यहां पैदा हुआ प्लास्टिक का बच्चा! वजह कर देगी हैरान

यूपी के श्रावस्ती में एक बच्चे के जन्म से सभी हैरान हैं, यहां तक की डॉक्टर भी। क्योंकि बच्चे की स्किन प्लास्टिक की है।

26 मई 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे कि कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स और सोशल मीडिया साइट्स के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज़ नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज़ हटा सकते हैं और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डेटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy और Privacy Policy के बारे में और पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen