जारी है गर्मी का कहर

विनीता वशिष्ठ Updated Tue, 05 Jun 2012 12:00 PM IST
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summer stroke is continues

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रोज रोज बढ़ते तापमान के बीच सूर्य देवता का कहर जारी है। जबरदस्त धूप और गर्मी से आम आदमी पस्त और त्रस्त हो गया है। 44 डिग्री तापमान और सूर्य देवता की तीखी नजर से बेहाल लोग हीट स्ट्रोक (लू लगना) की चपेट में आ रहे हैं। हीट स्ट्रोक यानी गर्मी का हमला। जबरदस्त गर्मी जब शरीर पर हमला कर देती है तो हीट स्ट्रोक ही स्थिति हो जाती है। आजकल अस्पतालों और क्लीनिक में ऐसे केसों की भरमार है। इससे बचने के साथ साथ इसके उपाय को भी जानना बेहद जरूरी है।
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क्या है हीट स्ट्रोक
दरअसल हमारी बॉडी इस तरह से बनी है कि अधिक गर्मी होने की स्थिति में पसीना आने पर आर्दता पसीने के जरिए बाहर निकल जाती है और बॉडी खुद को कूल कर लेती है। लेकिन हीट स्ट्रोक में शरीर का ये कूलिंग सिस्टम ध्वस्त हो जाता है। ऐसे में भयंकर गर्मी में भी शरीर से पसीना नहीं आता और बॉडी का तापमान बढ़ता जाता है। अगर इस तापमान को बाहरी इलाज के जरिए सामान्य नहीं किया गया तो स्थिति बिगड़ सकती है।



क्यों होता है हीट स्ट्रोक

मोटे लोगों को जल्द हीट स्ट्रोक होता है। दरअसल मोटे व्यक्ति की बॉडी में फैट की परत मोटी होने की वजह से बॉडी वातावरण के तापमान के साथ संतुलन नहीं बिठा पाती। वैसे शराब पीने वालों को भी इस दौरान अधिक प्रॉब्लम होती है क्योंकि उन्हें कैलोरी तो पूरी मात्रा में मिल जाती है, पर पर्याप्त न्यूटिशियन उन्हें नहीं मिल पाता। ऐसे लोगों में पसीने की ग्रन्थी के नॉर्मल कार्य करने में अवरोध उत्पन्न होता है।
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