सामंतवादी समाज की देन

विनीता वशिष्ठ Updated Tue, 29 May 2012 12:00 PM IST
Creation of a feudal society
सच कहा जाए तो पत्नी की पिटाई सामंतवादी समाज की देन है। घर में परदे में दब कर रहती पत्नी बच्चों को संभालने वाली आया है। घर की देखभाल, भोजन बनाने के अलावा पति की निजी जरूरतों को पूरा करने वाली बिन पैसे की दासी। लेकिन जब सामंती पति का मूड उखड़ा तो यही बिन पैसे की दासी हाथ की खुजली मिटाने के काम आई।



वो आधुनिक देश जो आज विश्व को सभ्याचार का पाठ पढ़ा रहे हैं, घरेलू हिंसा को कर्त्तव्य मानते थे। आप यकीन नहीं करेंगे लेकिन सामंतवादी इंगलैंड में पति द्वारा पत्नी की पिटाई को बाकायदा कानूनी समर्थन प्राप्त था। सिडनी ब्रेंडन द्वारा लिखी गई किताब वॉयलेंस इन फेमिली (1976) में भी पत्नी की पिटाई को लेकर सामंती देशों का रवैया बताया गया है।



भारत में भले ही घरेलू हिंसा के खिलाफ कानून हो लेकिन घर के अंदर की बात सब जानते हैं। पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टि देशपांडे ने अपनी पुस्तक वुमेन एंड द न्यू लॉ (1984) में भी इसके बारे में विस्तार से बताया गया है। शादी के शुरूआती साल पत्नी को केवल इसलिए पीटा जाता है ताकि वो पति का महत्व और उसका मिजाज समझ सके।

Spotlight

Most Read

Other Archives

शहरियों ने कटा दी नाक, सिर्फ 58.89 फीसदी मतदान

बिंदकी समेत अन्य ने की पूरी मेहनत, रहे अव्वल हथगाम ने इस बार भी बाजी मारी, पांच फीसदी उछला

30 नवंबर 2017

Other Archives

35 घायल

28 नवंबर 2017

Related Videos

GST काउंसिल की 25वीं मीटिंग, देखिए ये चीजें हुईं सस्ती

गुरुवार को दिल्ली में जीएसटी काउंसिल की 25वीं बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। इस मीटिंग में आम जनता के लिए जीएसटी को और भी ज्यादा सरल करने के मुद्दे पर बात हुई।

18 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper