शादी के बाद ही दूल्हे को काटनी है जेल

पीयूष पांडेय/नई दिल्ली Updated Fri, 29 Jun 2012 12:00 PM IST
after-wedding-the-groom-has-to-live-in-prison
बेशक यह किसी फिल्म की सी कहानी जान पड़ती है, लेकिन है हकीकत। इसमें नवविवाहिता को अपना जीवन साथी बनाकर लाया पति घर में कुछ ही दिन का मेहमान है। उसे अब जेल जाना है। कब तक सलाखों के पीछे रहना है, वह खुद नहीं जानता। घर बसाने की उसकी इच्छा तो सुप्रीम कोर्ट के आदेश से पूरी हो गई, मगर उसी आदेश के चलते कैदी को अब सजा पूरी करनी होगी। हत्या के दोष में सुप्रीम कोर्ट ने उसके आजीवन कारावास को सितंबर, 2011 में बरकरार रखा था।

सर्वोच्च अदालत ने महेश शर्मा नाम के इस कैदी को शादी का लड्डू खाने के लिए एक माह की पैरोल तब प्रदान की, जबकि उसकी शादी को महज चार दिन शेष रह गए। उसने दिल्ली हाईकोर्ट से नाउम्मीद होकर शीर्षस्थ अदालत का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट ने उसके इस मसले की सुनवाई की तारीख ऐसी तय की, जिसके चलते वह शादी के मंडप में भी न पहुंच पाता। अंबेदकर नगर दिल्ली में 2004 में हुए हत्या के मामले में शर्मा को निचली अदालत, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा दी थी। हत्या के कुछ दिनों बाद से ही वह जेल में है और सजा के तौर पर करीब आठ साल कैद काट चुका है।

सर्वोच्च अदालत से मंजूरी मिली तो तय तिथि पर शादी हुई। विवाह में जेल के कई सुरक्षाकर्मी और अधिकारी भी शामिल हुए। कैदी का घर तो बस गया, लेकिन अब नवविवाहिता की परेशानी जायज है। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक चार सप्ताह की पैरोल के बाद पति को सजा काटने जाना है। पति बना कैदी भी पैरोल को बढ़वाने की कोशिश में है। शर्मा के अधिवक्ता सुनील उपाध्याय के मुताबिक हाईकोर्ट ने तो उनके मुवक्किल की याचिका को एक तरह से खारिज कर दिया था।

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने स्थितियों को ध्यान में रखते हुए तत्काल पैरोल का आदेश जारी कर दिया। एक माह का समय शादी के बाद किसी नवदंपति के लिए बहुत कम समय है। मगर उम्मीद है कि आठ साल जेल में काट चुके महेश की सजा कुछ सालों में पूरी हो जाएगी। गौरतलब है कि उम्रकैद की सजा काट रहे कैदियों को सरकार उनके अच्छे चाल चलन को देखते हुए चौदह साल के बाद रिहा कर सकती है।

Spotlight

Most Read

India News Archives

पहली बार बांग्लादेश की धरती से विद्रोहियों के ठिकाने पूरी तरह से साफ: BSF

भारत की पूर्वी सीमा पर दशकों से चले आ रहे सीमा पार विद्रोही शिविरों को लेकर एक अहम जानकारी आई है।

18 दिसंबर 2017

Related Videos

बागपत के स्कूल में गैस लीक, 25 बच्चों की तबीयत बिगड़ी

बागपत में गांव छपरौली के एक प्राथमिक स्कूल में गैस सिलेंडर लीक होने का एक मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक मिड डे मील के लिए आया सिलेंडर लीक हो रहा था, गैस लीकेज इतनी ज्यादा थी कि बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी।

6 मई 2017

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper