विज्ञापन

गोली चलाने में बहुत आगे है यूपी पुलिस

लखनऊ/ब्यूरो Updated Wed, 27 Jun 2012 12:00 PM IST
up-police-tops-in-firing-bullets
विज्ञापन
ख़बर सुनें
गोली चलाने के मामले में उत्तर प्रदेश देश के अन्य राज्यों से कहीं आगे है। आतंकी वारदातों के मद्देनजर जम्मू-कश्मीर पुलिस को तो आए दिन गोली चलाने की नौबत आती है इसलिए उसका नंबर पहले स्थान पर है, लेकिन उत्तर प्रदेश में ऐसी कोई नौबत न आने के बाद भी गोली चलाने के मामले में वह जम्मू के बाद दूसरे नंबर है।
विज्ञापन
यह तथ्य कहीं और नहीं बल्कि नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों से सामने आ रहा है। एनसीआरबी ने वर्ष 2010 के जो आंकड़े जारी किए हैं, उनके मुताबिक जम्मू के बाद यूपी और फिर छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, गुजरात और झारखंड का नंबर है। बिहार जैसे प्रदेश का नंबर इस सूची में खासा नीचे है। आंकड़े बताते हैं कि इस वर्ष जम्मू में पुलिस फायरिंग के 662 और यूपी में 445 रहे। जबकि अन्य राज्यों में इससे कहीं कम फायरिंग हुई।

एनसीआरबी के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो यूपी सिर्फ गोली चलाने में ही पहले नंबर की दौड़ में शामिल नहीं है, बल्कि पुलिस की गोली से मरने वालों की संख्या भी यहां अन्य प्रदेशों की अपेक्षा अधिक है। यहां भी यूपी का नंबर जम्मी-कश्मीर के बाद दूसरे स्थान पर है।

इसमें भी जहां जम्मू में पुलिस की गोली से मरने वालों की संख्या 91 रही, वहीं उत्तर प्रदेश में यह गिनती 55 पर टिकी। बाकी के राज्यों में यह आंकड़ा दो दर्जन भी पार न कर सका। ऐसे ही पुलिस की गोली से घायल होने वालों की संख्या के मामले में भी यूपी पुलिस जम्मू के बाद दूसरे नंबर पर है। जम्मू में इस वर्ष 494 लोग पुलिस की गोली से घायल हुए तो यूपी में 68 लोग।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

City and States Archives

गंगा को घाटों के पास लाने का किया जाएगा प्रयास

केके इंटर कॉलेज खेल मैदान पर आयोजित गंगा स्वच्छता सम्मेलन में अपने निर्धारित समय से करीब तीन घंटा देरी से पहुंचीं

16 नवंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

बागपत के स्कूल में गैस लीक, 25 बच्चों की तबीयत बिगड़ी

बागपत में गांव छपरौली के एक प्राथमिक स्कूल में गैस सिलेंडर लीक होने का एक मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक मिड डे मील के लिए आया सिलेंडर लीक हो रहा था, गैस लीकेज इतनी ज्यादा थी कि बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी।

6 मई 2017

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree