विज्ञापन

निगरानी समितियों की लापरवाही बच्चों पर भारी

नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Wed, 27 Jun 2012 12:00 PM IST
children-being-plighted-due-to-monitoring-committees-negligence
विज्ञापन
ख़बर सुनें
बाल संरक्षण गृहों में बच्चों से होने वाले दुर्व्यवहार और यौन शोषण को लेकर चिंतित महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने अब अपनी तीसरी आंख खोल दी है। बाल संरक्षण निगरानी समिति के काम काज में खोट की वजह से रोहतक के 'अपना घर' समेत दूसरे बाल संरक्षण गृहों में भी बच्चों पर होने वाले अत्याचार के मामले सामने आने से हरकत में आए मंत्रालय ने राज्यों से बातचीत कर कठोर कदम उठाने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
मंत्रालय को मिली जानकारी के मुताबिक ज्यादातर राज्यों में निगरानी समिति काम नहीं कर रही हैं। राज्य सरकारों का ध्यान भी ऐसे मामलों पर कम ही जाता है। इस तरह की घटनाओं पर लगाम कसने में ज्यादातर राज्य असफल हो रहे हैं। बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने इस तथ्य की पुष्टि की है और पिछले एक साल में बाल संरक्षण गृहों में बच्चों के यौन शोषण और अत्याचार के कई मामले सामने आने के पीछे निगरानी समिति के ढीले रवैये को जिम्मेदार बताया है।

राज्यों के इस रवैये से परेशान महिला एवं बाल विकास मंत्रालय सचिव नीला गंगाधरन राज्यों में चल रही योजनाओं की बुधवार को समीक्षा करेंगी। सूत्रों के मुताबिक समीक्षा के जरिए राज्यों में निगरानी समिति के गठन, पिछले एक साल के दौरान उनके जरिए किए गए बाल संरक्षण गृहों के निरीक्षण और उनके परिणामों को जानने की कोशिश की जाएगी।

एनसीपीसीआर के सदस्य विनोद कुमार टिकू के मुताबिक कई राज्यों में निगरानी समिति नहीं हैं तो कई जगहों पर वह महज नाममात्र की निगरानी समिति हैं। जो अपने कामकाज का उत्तरदायित्व नहीं निभा पा रही हैं। इसलिए सरकार को कुछ नई पहल के साथ इस व्यवस्था को पटरी पर लाने के उपाय करने चाहिए।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें  
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

City and States Archives

गर्भवती को जलाकर मार डाला, कोर्ट ने पति, सास-ससुर को सुनाई बड़ी सजा

दहेज के लिए गर्भवती को जलाकर हत्या करने के मामले में फर्रुखाबाद जिला जज अरुण कुमार मिश्र ने पति, सास, ससुर को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

21 सितंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

बागपत के स्कूल में गैस लीक, 25 बच्चों की तबीयत बिगड़ी

बागपत में गांव छपरौली के एक प्राथमिक स्कूल में गैस सिलेंडर लीक होने का एक मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक मिड डे मील के लिए आया सिलेंडर लीक हो रहा था, गैस लीकेज इतनी ज्यादा थी कि बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी।

6 मई 2017

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree