विज्ञापन

चेयरमैनी में खत्म होगा विधायकों का दखल

शैलेंद्र श्रीवास्तव/लखनऊ Updated Wed, 27 Jun 2012 12:00 PM IST
UP-MLAs-interference-in-end-prolocutorship
विज्ञापन
ख़बर सुनें
राज्य सरकार विधायकों का चेयरमैनी में दखल खत्म करने जा रही है। इसके लिए विधानमंडल में उत्तर प्रदेश नगर पालिका (संशोधन) विधेयक 2012 लाने की तैयारी है। इससे पहले इस प्रस्ताव को कैबिनेट से मंजूरी दिलाया जाएगा।
विज्ञापन
नगर विकास विभाग के प्रस्ताव पर न्याय विभाग ने सहमति दे दी है। विधेयक को मंजूरी मिलने के बाद विधायकों का चेयरमैनी में दखल समाप्त हो जाएगा। राज्य सरकार इसके पहले महापौर पद पर सांसदों व विधायकों का दखल समाप्त कर चुकी है। इसके आधार पर ही यह विधेयक लाया जा रहा है।

नगर पालिका परिषद अधिनियम के मुताबिक पालिका परिषद और नगर पंचायत का यदि कोई चेयरमैन होते हुए सांसद या विधायक का चुनाव जीत जाता है, तो वह दोनों पद पर बना रहा सकता है। यूपी में कई चेयरमैन सांसद या विधायक चुने जाने के बाद भी दोनों पदों पर बने रह चुके हैं।

इसके चलते निकाय के कामों में दिक्कतें आ रही हैं। इसलिए राज्य सरकार ऐसी व्यवस्था करनी जा रही है कि चेयरमैन रहते हुए यदि कोई सांसद या विधायक चुना जाता है, तो उसे दोनों में से एक पद से इस्तीफा देना पड़ेगा। इसके लिए उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 को संशोधित करते हुए इसमें यह प्रावधान किया जा रहा है।

प्रस्ताव के मुताबिक कोई व्यक्ति चेयरमैन या सदस्य रहते हुए कोई सांसद या विधानसभा का सदस्य चुना जाता है, तो वह इसके लिए अनर्ह हो जाएगा। इसके लिए उसे गजट प्रकाशित होने के दिनांक से 14 दिन के अंदर लिखित नोटिस देना होगा कि वह किस पद पर काम करना चाहता है। कोई सदस्य यदि सूचना नहीं देता है, तो इस अवधि के बाद वह चेयरमैन व सदस्य के पद पर नहीं रहेगा और इन पदों को स्वत: रिक्त मान लिया जाएगा।

राज्य सरकार ने मेयर और पार्षद पद पर यह व्यवस्था 24 मार्च 2005 को समाप्त कर चुकी है। यह निर्णय उस समय लिया गया था, जब मेरठ का मेयर रहते हुए शाहिद अखलाक सांसद चुन लिए गए थे।

अखलाक सांसद रहते हुए भी मेयर के पद पर बने रहे थे। इसके चलते निकायों के कामों में काफी परेशानियां आई थीं। इसके बाद नगर निगम अधिनियम को संशोधित करते हुए इसकी अधिसूचना मार्च 2005 में जारी की गई थी।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें  
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

City and States Archives

गर्भवती को जलाकर मार डाला, कोर्ट ने पति, सास-ससुर को सुनाई बड़ी सजा

दहेज के लिए गर्भवती को जलाकर हत्या करने के मामले में फर्रुखाबाद जिला जज अरुण कुमार मिश्र ने पति, सास, ससुर को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

21 सितंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

बागपत के स्कूल में गैस लीक, 25 बच्चों की तबीयत बिगड़ी

बागपत में गांव छपरौली के एक प्राथमिक स्कूल में गैस सिलेंडर लीक होने का एक मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक मिड डे मील के लिए आया सिलेंडर लीक हो रहा था, गैस लीकेज इतनी ज्यादा थी कि बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी।

6 मई 2017

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree