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मोबाइल खोए या हो चोरी, अब नो टेंशन

नई दिल्ली/धीरज कनोजिया Updated Mon, 25 Jun 2012 12:00 PM IST
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अगर आपका मोबाइल हैंडसेट खोता है या चोरी हो जाता है तो घबराएं नहीं। इसका इलाज सरकार ने खोज लिया है। दरअसल, दूरसंचार विभाग ने सुरक्षा पहलुओं को तरजीह देते हुए खोए व चोरी हुए मोबाइल हैंडसेटों की समस्या को सुलझाने की सुध ली है। इसके लिए सरकार नेशनल मोबाइल प्रॉपर्टी रजिस्टर बनाने की तैयारी में है। जिसमें मोबाइल हैंडसेट का आईएमईआई नंबर पंजीकृत होते ही आपका फोन सुरक्षित हो जाएगा।
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नई राष्ट्रीय दूरसंचार नीति 2012 के तहत मोबाइल प्रॉपर्टी रजिस्टर की अवधारणा सामने आई है। दूरसंचार विभाग ने इस पर काम शुरू कर दिया है। लंबे समय से ऐसी प्रणाली बनाने की बात चल रही थी, जो देश में रोजाना लाखों की तादाद में बिकने वाले हैंडसेटों का रिकॉर्ड रखे। वहीं सुरक्षा एजेंसियों ने भी गृह मंत्रालय से इस सिलसिले में शिकायत की थी कि देश में अभी तक हैंडसेटों का रिकॉर्ड नहीं होने के चलते उन्हें देश द्रोहियों की तलाशी में बेहद दिक्कत आ रही है।

दूरसंचार विभाग के मुताबिक मोबाइल प्रॉपर्टी रजिस्टर में हैंडसेट की पहचान पंजीकृत होते ही फोन मालिक के घर के पते के साथ पूरी पहचान भी रिकॉर्ड हो जाएगी। ऐसे में कभी फोन खोता या चोरी होता है तो इसके मालिक की पहचान के साथ ही इसे पाने या चुराने वाले का भी आईएमईआई नंबर के जरिए पता चल सकेगा। सरकार ने अभी कुछ समय पहले ही देश में बिना आईएमईआई नंबर वाले हैंडसेटों पर प्रतिबंध लगा दिया था। आईएमईआई नंबर के जरिए मोबाइल हैंडसेट इस्तेमाल करने वाले की लोकेशन का काफी हद तक पता लग सकता है।

और मिल जाएगा आपका मोबाइल
दूरसंचार विशेषज्ञ सुधीर उपाध्याय कहते हैं कि मोबाइल फोन रजिस्टर में आईएमईआई नंबर दर्ज होने के बाद आपका नाम पता और हैंडसेट नंबर भी रिकॉर्ड हो जाएगा। पुलिस कही छापा मारकर किसी चोर के पास ढेरों मोबाइल हैंडसेट भी पकड़ती है तो प्रत्येक हैंडसेट के आईएमईआई नंबर डालकर वह मोबाइल रजिस्टर के जरिए फोन के मालिक की पहचान कर उसे लौटा सकती है। मोबाइल फोन रजिस्टर बनने के बाद अगर आप अपने हैंडसेट के चोरी होने की शिकायत पुलिस में करने जाते है तो उसी समय आपके चोरी हैंडसेट का पहचान नंबर सभी मोबाइल ऑपरेटरों के पास फ्लैश हो जाएगा। इसके बाद आपका हैंडसेट अगर कोई और इस्तेमाल करता है तो वह फोन न तो काम करेगा और उसकी लोकेशन की भी तुरंत पहचान हो जाएगी।

विदेश में कर रहा काम
यूरोप में ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, स्कॉटलैंड जैसे सभी देशों ने इस प्रणाली को अपना रखा है। इन देशों में तो सिर्फ मोबाइल हैंडसेटों ही नहीं बल्कि अन्य इलेक्ट्रोनिक सामान की सुरक्षा के लिए भी इस तरह के रजिस्टर बनाए गए हैं।

मौजूदा स्थिति
पुलिस थानों में हैंडसेट खोने और चोरी होने की रोजाना लाखों शिकायतें आती हैं। इसमें से कुछ ही मामले सुलझ पाते हैं। मोबाइल हैंडसेट के 15 अंक के पहचान नंबर यानी इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट (आईएमईआई) नंबर पुलिस को बताने के बावजूद हैंडसेट मिलने में मुश्किल होती है।

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