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हिमाचल में नहीं बिकेगी विवादित जमीन

शिमला/रोहित नागपाल Updated Mon, 18 Jun 2012 12:00 PM IST
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हिमाचल प्रदेश में विवादित भूमि की बिक्री पर रोक लगाने को राजस्व विभाग ने नया तरीका तलाशा है। इसके तहत न्यायालयों में जिस भी भूमि या संपत्ति का विवाद चल रहा होगा, उसे राजस्व दस्तावेज पर दर्ज किया जाएगा। इससे भू विक्रेता किसी भी तरह से क्रेता को गुमराह नहीं कर सकेंगे।
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खरीदारों को विवादित भूमि खरीदने से बचाने और प्रदेश में भूमि विवादों को कम करने के लिए विभाग ने नया प्रस्ताव तैयार किया है। विभाग के प्रस्ताव को हाईकोर्ट ने भी सैद्धांतिक तौर पर स्वीकृति दी है। इसके बाद विभाग ने अपने स्तर पर यह प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया है। इससे पहले विभाग ने राजस्व अधिकारियों से लेकर जिला उपायुक्त या मंडलायुक्त के पास चल रहे विवादों को भू दस्तावेजों में दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
ऐसी भूमि या संपत्ति के दस्तावेजों में खास तौर पर विवाद किस स्तर पर किस न्यायालय में चल रहा है, इसका हवाला दिया जाएगा। विभाग का दावा है कि इससे लोगों को साफ और बिना विवाद की भूमि खरीदने का मौका मिलेगा। विवादित भूमि खरीदने के बाद भू विवादों में फंसने से लोगों को राहत मिलेगी।
खरीदारों को होती भी भारी परेशानी
राजस्व विभाग की मानें तो प्रदेश में वर्तमान में ऐसी व्यवस्था न होने के कारण खरीदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई मामलों में तो लाखों रुपये खर्चने के बाद भी भूमि पर कब्जा सालों तक नहीं ले पाते हैं। इसलिए पहले चरण में मंडलायुक्त स्तर के अधिकारियों के मामलों को दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की थी, अब न्यायालयों में चल रहे सभी मामलों को भी दर्ज करने की तैयारी है।

अब आगे बढ़ाई जाएगी प्रक्रिया
प्रधान सचिव राजस्व दीपक सानन ने बताया कि न्यायालयों में चल रहे मामलों को राजस्व दस्तावेजों में दर्ज करने की प्रक्रिया के प्रस्ताव को हाईकोर्ट से सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। अब इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाना है।
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