विज्ञापन

अब नेट बैंकिंग पर भी ‘नटवरलाल’ की नजर

अलीगढ़/ब्यूरो Updated Mon, 11 Jun 2012 12:00 PM IST
now-hackers-eye-on-net-banking
विज्ञापन
ख़बर सुनें
नेट से बैंकिंग करने वाले सावधान हो जाएं, क्योंकि उनके एकाउंट अब हैकरों के निशाने पर हैं। ऐसे ही एक मामला सामने आया अलीगढ़ के प्रमुख कारोबारी पवन खंडेलवाल के साथ। पवन के अनुसार 11 मई को अचानक उनका पर्सनल नंबर 9219662003 बंद हो गया। देर रात उनके दूसरे नंबर पर बैंक से मैसेज आया कि आपकी वैनीफीसियल (किसी दूसरे एकाउंट में रुपये ट्रांसफर) एकाउंट संबंधी रिक्वेस्ट स्वीकार ली गई है। इस पर उन्होंने इंटरनेट पर एकाउंट चेक करना चाहा तो उसका पासवर्ड बदल चुका था, इसलिए एकाउंट खुला नहीं। 12 मई को सुबह बैंक पहुंचने पर पता चला कि उनका बैंक एकाउंट किसी ने हैक कर लिया है। इस पर तत्काल उन्होंने अपना एकाउंट ब्लाक करा दिया। अब वह अपने प्रकरण में हैकर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी में हैं।
विज्ञापन
ये है मॉडस ऑपरेंडी
पहले तो नेट बैंकिंग करने वाले किसी बड़े खाताधारक का सिम हासिल किया जाता है। इसके बाद उसी सिम से इंटरनेट कर प्रयोग कर बैंक एकाउंट का पासवर्ड बदला जाता है और रकम अपने एकाउंट में ट्रांसफर कर दी जाती है।

ये है हैकर
मूल रूप से रोहिणी निवासी अमित सब्बरवाल नाम का हैकर पिछले छह माह से इस अपराध को कई नाम से कर रहा था। उसके अनुज, ओमप्रकाश जैसे कई नाम हैं। दिल्ली में दो, हरियाणा में एक और आगरा में तीन लोगों को लगाया उसने चूना। आगरा में एसटीएफ की नजर में चढ़ गया और 26 मई को गिरफ्तार कर उसे एसटीएफ ने जेल भेजा।

ऐसे हुआ एकाउंट हैक
पवन खंडेलवाल का मोबाइल नंबर उनकी कंपनी की वंदना नाम की वर्कर के नाम से 2007 में खरीदा गया था। 11 मई को मथुरा के होली गेट की दुकान पर एक युवक व एक युवती ने वंदना के नाम से फर्जी वोटर आईडी बनाकर सिम खोने की अर्जी देकर डुप्लीकेट सिम लिया उन्हें दे दी जाए। इसके बाद हैकरों ने सिम दूसरे मोबाइल में डालकर बैंक की साइट पर जाकर पवन का बैंक एकाउंट नंबर डाला। वहां जब पासवर्ड मांगा गया तो लगातार तीन बार पासवर्ड गलत आया और चौथी बार में फारगेट पासवर्ड (नया पासवर्ड) देने की प्रक्रिया अपनाई। बस वहीं से एकाउंट हैक हो गया और उसमें रुपये ट्रांसफर का आवेदन कर दिया गया। वह तो आरबीआई के नियम अनुसार नेट बैंकिंग में रुपये ट्रांसफर होने में 24 घंटे लगते हैं और पवन ने दो मोबाइल नंबर बैंक में दे रखे हैं, इसलिए वे बच गए।

ऐसे पहुंचे हैकर तक
पवन ने इसके बाद अपनी जांच शुरू की तो पता चला कि जिस एकाउंट में रकम ट्रांसफर होनी थी। वह पलवल के किसी राजेश के नाम से है। पवन राजेश तक पहुंचे तो उसने बताया कि वह तो अमित सब्बरवाल नाम के व्यक्ति के लिए नौकरी करता है और अमित ने ही उसके नाम से एकाउंट खुलवाया था। बाद में अमित तक पहुंचने का प्रयास किया तो पता चला कि अमित को एसटीएफ जेल भेज चुकी है। अब पवन ने क्वारसी पुलिस से इसमें मदद मांगी है। एसओ क्वारसी के अनुसार उन्हें सूचना मिली है, जबकि मुकदमे आदि के लिए सोमवार को उन्हें सीओ तृतीय ने बुलाया है।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

City and States Archives

‘मोदी का जादू बरकरार’

हरदोई लोकसभा क्षेत्र की कमल संदेश बाइक रैली में शामिल हुए प्रदेश उपाध्यक्ष जेपीएस बोले

17 नवंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

बागपत के स्कूल में गैस लीक, 25 बच्चों की तबीयत बिगड़ी

बागपत में गांव छपरौली के एक प्राथमिक स्कूल में गैस सिलेंडर लीक होने का एक मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक मिड डे मील के लिए आया सिलेंडर लीक हो रहा था, गैस लीकेज इतनी ज्यादा थी कि बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी।

6 मई 2017

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree