'दीनदयाल और अटल बिहारी की राह चले संजय जोशी'

नई दिल्ली/एजेंसी Updated Fri, 08 Jun 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
sanjayJoshi-walks-on-the-foot-print-of-Deen-Dayal-and-Atal-Bihari-Vajpayee
ख़बर सुनें
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) समर्थक मराठी दैनिक 'तरुण भारत' ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व संगठन महामंत्री संजय जोशी की तुलना दीनदयाल उपाध्याय एवं अटल बिहारी वाजपेयी सरीखे नेताओं से की है। पत्र के संपादकीय में जोशी एवं मोदी विवाद की चर्चा की गई है। लेख में जोशी द्वारा राष्ट्रीय कार्यकारिणी से इस्तीफा देने का जिक्र किया गया है जिसके बाद मोदी ने मुंबई बैठक में हिस्सा लिया था।
विज्ञापन

भाजपा के मान मनौव्वल तरीके पर सवाल
पत्र लिखता है, 'जोशी ने अपने त्यागपत्र में कहा है कि उनके कारण पार्टी में किसी भी प्रकार की नाराजगी न रहे इसलिए वह पद से इस्तीफा दे रहे हैं। नाराजगी साफ तौर पर नरेंद्र मोदी की छुपी है। जोशी के प्रति अपने विरोध के कारण मोदी बैठक में शामिल नहीं हो रहे थे।' लेख के अनुसार जोशी को उत्तर प्रदेश चुनाव का प्रभार सौंपे जाने के कारण ही मोदी ने चुनाव प्रचार में भाग नहीं लिया। भाजपा में जिस तरह से मान मनौव्वल का प्रहसन हो रहा है वह उचित नहीं है।
पोस्टर से भी मोदी पर साधा जा चुका है निशाना
लेख में कहा गया है कि भारतीय राजनीति ने दीन दयाल उपाध्याय एवं अटल बिहारी वाजपेयी जैसे नेताओं को देखा है। जोशी भी उसी श्रृंखला की अगली कड़ी हैं। मोदी के कथित अड़ियल रुख को लेकर हाल ही में भाजपा के मुखपत्र 'कमलसंदेश' और पांचजण्य में भी आलोचना की गई थी।

ज्ञात हो कि जोशी से जबरन इस्तीफा लिए जाने के करीब 10 दिन बाद मंगलवार को जारी एक पोस्टर में भी इसके लिए मोदी को निशाना बनाया गया था। पोस्टर में हालांकि मोदी का नाम नहीं था। लेकिन इसमें कहा गया था कि 'एक नेता' के अड़ियल रुख के कारण जोशी से इस्तीफा देने के लिए कहा गया। स्पष्ट तौर पर इशारा मोदी की ओर किया गया था।

संजय जोशी के इस्तीफे से उपजा विवाद
पिछले महीने मुंबई में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में मोदी तभी शामिल हुए जब संजय जोशी ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी के कहने पर इसकी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। एक पोस्टर भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय के बाहर चिपकाया गया था, जिसे तुरंत हटा लिया गया। एक अन्य पोस्टर भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी के आवास पर देखा गया।

उल्लेखनीय है कि जोशी और मोदी के बीच पिछले काफी समय से प्रतिद्वंद्विता चली आ रही है। जोशी को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाए जाने से भी मोदी नाराज थे और इसलिए वह हाल ही में संपन्न राज्य विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के प्रचार अभियान में शामिल नहीं हुए। मोदी और जोशी दोनों के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से घनिष्ठ सम्बंध हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us