भ्रष्ट नहीं पर गुनहगार तो हैं मनमोहन: खरे

नई दिल्ली/एजेंसी Updated Thu, 07 Jun 2012 12:00 PM IST
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हाल के समय तक प्रधानमंत्री के शीर्ष मीडिया प्रबंधक रहे हरीश खरे का कहना है कि मनमोहन सिंह को भ्रष्ट तो कतई नहीं कहा जा सकता लेकिन कई मामलों में वह गुनहगार तो हैं।
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खरे ने एक अंग्रेजी दैनिक में अपनी यह राय जाहिर की है। जब प्रधानमंत्री कार्यालय की मीडिया टीम में टीवी पत्रकार पंकज पचौरी को शामिल कर लिया गया तो खरे ने वहां से किनारा कर लिया था। प्रधानमंत्री पर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों के बारे में खरे ने अपनी बेबाक राय जाहिर की।
उन्होंने कई मामले गिनाते हुए उनमें मनमोहन सिंह को गुनहगार ठहराया। उन्होंने कहा कि यूपीए की दूसरी पारी में मनमोहन सिंह ने नीरा राडिया टेप मामले की पूरी नृशंसता से चीरफाड़ नहीं की जो घृणित कारपोरेट तत्वों का खेल था। यह गंदगी का ऐसा गटर था जिसकी परिणति उस कारपोरेट जंग में हुई जिसे आज के समय में 2जी घोटाले के नाम से शोहरत मिली।
पूर्व मीडिया सलाहकार ने टीम अन्ना पर चोट करते हुए हुए मनमोहन सिंह को इस बात के लिए भी गुनहगार ठहराया है कि उन्होंने इस टीम को सार्थक सोच वाली सिविल सोसाइटी मानने की गंभीर भूल की और वह उसका लाइलाज राजनीतिक एजेंडा नहीं देख सके।

अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह की नीतियों के बारे में कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए खरे ने कहा कि प्रधानमंत्री पर इस बात का आरोप लगाया जाना चाहिए कि उन्होंने देश को विकास के ऐसे रास्ते पर डाला जिससे असमानता और नाइंसाफी के प्रतिफलों के साथ सिर्फ लालची और बलात्कारी पूंजीवाद ही पनप सकता था। वह वाकई इस बात के लिए दोषी हैं कि उन्होंने कारपोरेट गठजोड़ को नहीं पकड़ा जिन्होंने लोकतांत्रिक प्रणाली के खुलेपन का दुरुपयोग करते हुए वैध शासन को कमजोर किया ताकि उनकी ठगी पकड़ी न जाए और उन्हें कोई दंड न मिले।
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