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गडकरी से मिले रामदेव, आंदोलन के लिए मांगा समर्थन

नई दिल्ली/एजेंसी Updated Mon, 04 Jun 2012 12:00 PM IST
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काले धन मुद्दे पर बाबा रामदेव ने भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी से मिलकर आंदोलन के लिए समर्थन मांगा है। भेंट के दौरान नितिन गडकरी ने बाबा का पैर छूकर उनसे आशीर्वाद मांगा। बाद में दोनों एक दूसरे के गले भी मिले।
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भ्रष्टाचार और काले धन के मुद्दे पर एक दिवसीय उपवास में अन्ना हजारे और बाबा रामदेव की ‘जुगलबंदी’ ने सरकार की परेशानी और बढ़ा दी। रविवार को जंतर-मंतर से इन दोनों ने अपने आंदोलन को अगस्त तक अंजाम तक पहुंचाने का ऐलान किया।


इस दौरान योग गुरु काफी जोश में दिखे। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने संघर्ष को लेकर सरकार को खुली चुनौती दे डाली। तिरंगा लहराते जनसमूह को संबोधित करते हुए बाबा ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपनी कैबिनेट को भ्रष्टाचार मुक्त बनाना चाहिए।

निजी ईमानदारी पर्याप्त नहीं
बाबा ने कहा कि आप (पीएम) व्यक्तिगत रूप से ईमानदार हैं। लोग आपका सम्मान करते हैं, लेकिन आप उच्च संवैधानिक पद पर हैं। आपको संवैधानिक और लोकतांत्रिक जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने कहा कि आपकी निजी ईमानदारी पर्याप्त नहीं है। आपको अपनी कैबिनेट को भी ईमानदार रखना होगा। यूपीए सरकार के दौरान हुए टूजी, कॉमनवेल्थ, आदर्श और कथित कोल ब्लॉक घोटाले की याद भी रामदेव ने लोगों को दिलाई।

एफडीआई काले धन की चाबी
इससे पहले, बाबा ने संवाददाताओं से चर्चा में कहा, विदेश से काला धन वापस लाने के मुद्दे पर आंदोलन और तेज किया जाएगा। मैं चाहता हूं कि देशवासी अगस्त तक इस लड़ाई को खत्म करने के अभियान का हिस्सा बनें। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए रामदेव ने कहा कि देश में आ रहा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) काले धन की चाबी है। अगर सरकार इसके वास्तविक निवेशकर्ताओं के नाम बता दे तो काले धन की गुत्थी सुलझ जाएगी।

संयुक्त रूप से उपवास पर बैठे बाबा और अन्ना
रुपये के अवमूल्यन और समग्र विकास दर पर उन्होंने वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी से जवाब मांगा। बाबा ने कहा कि यदि काले धन को वापस लाया जाता है तो भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर मिलेंगे। यह पहली बार है जब बाबा और अन्ना संयुक्त रूप से उपवास पर बैठे हैं। इस मौके पर टीम अन्ना के अहम सदस्य अरविंद केजरीवाल, किरण बेदी और मनीष सिसौदिया भी मौजूद थे। उपवास से पहले बाबा और अन्ना ने बापू के समाधिस्थल राजघाट और शहीद पार्क पहुंचकर आजादी के लिए बलिदान देने वाले स्वाधीनता सेनानियों को याद किया।

बाबा उवाच...
:- वो कहें तो आदर्श हम कहें तो विलेन
राजीव गांधी जब कहते थे कि एक रुपये में से 15 पैसे ही गरीबों तक पहुंच पाते हैं तो इसे आदर्श माना गया। यही बात हम कह रहे है तो हमें विलेन कहा जा रहा है।
:- बापू ने भी कहा था कि भारत को अपने कानूनों की जरूरत है, लेकिन हम अभी भी ब्रिटिश युग के कानूनों को ढो रहे हैं।
:- टीम अन्ना के सदस्यों की छवि खराब करने के केंद्र सरकार के प्रयास भी भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन को कमजोर नहीं कर सके हैं।

मंच पर पॉलिटिकल ड्रामा
1- केजरीवाल का निशाना
केजरीवाल ने मंच से भ्रष्टाचार के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, उनके कैबिनेट के सदस्यों के अलावा मुलायम सिंह, लालू प्रसाद और मायावती जैसे नेताओं के नाम लेकर निशाना साधा।
2- बाबा का दखल
बाबा ने इस पर कहा कि हम किसी भी तरह की निजी आलोचना के खिलाफ हैं। हम कोई विवाद नहीं चाहते। कुछ देर बाद केजरीवाल जंतर-मंतर से रवाना हो गए।
3- अरविंद ने डाला परदा
केजरीवाल ने इस मुद्दे पर टीम अन्ना और रामदेव में मतभेद से इनकार किया। उन्होंने ट्विटर पर कहा कि मुझे उपवास स्थल से जाना था, क्योंकि मेरी तबीयत पूरी तरह ठीक नहीं है। यह कहना गलत है कि मैंने विरोध में स्थान छोड़ा।

आत्मदाह का प्रयास
उपवास स्थल पर उस समय अफरातफरी मची, जब खुद को अन्ना समर्थक बता रहे बुलंद शहर के सलीम अली ने केरोसिन छिड़ककर आत्मदाह की कोशिश की। इस कोशिश को नाकाम कर दिया गया। 30 वर्षीय सलीम ने बाद में आरोप लगाया कि अन्ना और रामदेव से प्रश्न पूछने की इजाजत नहीं मिलने पर उसने यह कदम उठाया।

'ऐसे लोग जिनके खिलाफ केस दर्ज हैं, अभी भी संसद में बैठे हैं। इसे रोकने के लिए हमें ‘राइट टु रिजेक्ट’ का इस्तेमाल करना चाहिए। रामदेव के जुड़ने से भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन को और मजबूती मिली है।'
-अन्ना हजारे

'काले धन और भ्रष्टाचार की आड़ में बाबा रामदेव और टीम अन्ना मौजूदा संस्थानों को नष्ट करना चाहती है। देश उन्हें इसकी इजाजत नहीं देगा।'
-हरीश रावत, संसदीय कार्य मंत्री

'कोल ब्लॉक आवंटन में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ टीम अन्ना का प्रश्न उठाना स्वाभाविक है। पीएम इस मामले में संसद में स्पष्टीकरण देने से बचते रहे हैं।'
-राजीव प्रताप रूड़ी, भाजपा

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