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महिला विधायक ने धर्म बदलकर की दूसरी शादी

गुवाहाटी/करीमगंज/एजेंसी Updated Mon, 04 Jun 2012 12:00 PM IST
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महिला विधायक की दूसरी शादी इन दिनों असम में विवाद का केंद्र बनती जा रही है। बराक घाटी के बाड़खोला निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस विधायक डॉ. रुमी नाथ ने पहले पति को तलाक दिए बिना धर्म परिवर्तन कर दूसरी शादी कर ली, जिसका बेहद विरोध किया जा रहा है। हरियाणा के चांद-फिजा प्रेम प्रसंग से मिलता जुलता यह मामला यहां हर किसी के लिए बातचीत का विषय है।


राबिया सुल्ताना रखा नाम
33 वर्षीय रुमी नाथ पिछले एक महीने से गायब थीं। शनिवार को अचानक सामने आकर उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने बिना पहले पति को तलाक दिए इसलाम धर्म स्वीकार कर दूसरी शादी कर ली है। इस दौरान उन्होंने अपना नाम राबिया सुल्ताना रख लिया है।


'मैंने कोई अपराध नहीं किया'
बराक वैली में अधिवक्ताओं की एक मुख्य संस्था ने विधायक की दूसरी शादी की निंदा की है। साथ ही इसे अवैध करार देते हुए विधानसभा से उनके निष्कासन की भी मांग की। महिला विधायक ने अपने कदम का बचाव करते हुए स्थानीय चैनल पर कहा कि मैंने कोई अपराध नहीं किया है। मुझे किसी बात का डर नहीं है और मैं हर हालात का सामना करने के लिए तैयार हूं। विधायक पहली बार भाजपा के टिकट पर बराक घाटी की बाड़खोला निर्वाचन क्षेत्र से वर्ष 2006 में विधानसभा चुनाव जीती थीं। बाद में उन्होंने दलबदल कर कांग्रेस का दामन थाम लिया।

चांद और फिजा का अफसाना
वर्ष 2009 में हरियाणा के उप मुख्यमंत्री चंद्रमोहन अपने कार्यालय से अचानक गायब हो गए थे। कुछ दिन बाद सामने आकर उन्होंने यह कहकर सनसनी फैला दी थी कि उन्होंने अपना नाम बदलकर चांद मोहम्मद रख लिया है और इसलाम कबूल कर हरियाणा की पूर्व असिस्टेंट एडवोकेट जनरल अनुराधा बाली उर्फ फिजा से शादी कर ली है। हालांकि बाद में उनके बीच के मतभेद उभर आए और फिलहाल वे अलग रह रहे हैं।

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