विज्ञापन

जन्मदिन विशेषः मोहब्बत को जीने वाला कलाकार देवानंद

अमर उजाला, दिल्ली Updated Fri, 22 Sep 2017 01:43 PM IST
birthday special on dev anand
विज्ञापन
ख़बर सुनें
देवानंद हिंदी फिल्‍मों के वे पहले स्टार थे जिन्होंने दर्शकों को मोहब्बत की संजीदगी और रूमानियत सिखायी।
विज्ञापन
26 सितंबर 1923 को जन्‍में देवानंद का आज 90वां जन्मदिन है। देवानंद अपनी जिंदगी के अंतिम समय तक सक्रिय रहे। बतौर निर्माता-निर्देशक वे सफल भले ही न हुए हों लेकिन उन्होंने अपनी सक्रियता कम नहीं की। अब देवानंद की जिंदगी पर उनके बेटे एक फिल्म भी बना रहे हैं। 

देवानंद को देखिए तस्वीरों में

हमेशा याद रहेंगे देवानंद

अशोक कुमार और राजकपूर बने साथी


देवआनंद किसी भी किरदार को बहुत ही जल्‍दी ही प्रभावी बना देते थे यही उनके अभिनय की खासियत भी थी। देवआनंद की कामयाबी के पीछे एक बहुत बड़ा हाथ था और वो था गुरूदत्‍त का। इन्‍हीं के कारण देवानंद के अभिनय की प्रतिभा को पहचान उन्‍हें सम्‍मान दिया गया।

राजकपूर ने भी देवानंद के अभिनय को निखारने में बहुत मदद की। अशोक कुमार के कारण ही इन्हें फिल्म ‘जिद्दी’ में काम करने का मौका मिला। इसी फिल्‍म से इनकी कामयाबी की बुलंदियां शुरू हुई और इसके बाद तो जैसे देवानंद ने कभी पीछे मुड़कर ही नहीं देखा।

हर फिक्र को धुएं में उड़ाता चला गया

देवानंद ने कभी भी काम से भागना नहीं सीखा था, वे गम में ना तो बहुत दुखी होते थे और खुशी में ना ही बेहद उत्‍साहित। अपने इसी व्‍यवहार के कारण वे अपने अंतिम दिनों में भी काम को लेकर जुनूनी बने रहे।

देवानंद अपने आपको इंटरनल रो‍मांटिक व्‍यक्ति कहलाना ज्यादा पसंद करते थे। इन्‍होंने रोमानियत की नई परिभाषा गढ़ी। देवानंद की नजर में मोहब्बत पाने का अहसास नहीं बल्कि मोहब्बत करने का अहसास है। यही कारण था उनकी आत्मकथा ‘रोमांसिंग विद लाइफ’ का अंतरराष्ट्रीय संस्करण भी जारी हुआ है।

प्‍यार हुआ नाकाम

देवानंद की सुरैया से मोहब्बत किसी रोमांटिक फिल्म से कम नहीं थी। दोनों के प्यार के बीच हिंदू-मुसलिम की दीवार आ खड़ी हुई। इस दीवार के कारण इनकी मोहब्‍ब्‍त को कामयाबी नहीं मिल पाई। गौरतलब है कि, उनकी आत्मकथा ‘रोमांसिंग विद लाइफ’ में भी उनके और सुरैया के रिश्ते के बारे में कई खुलासे हुए हैं।

इन दोनों ने लगभग सात फिल्मों ‘अफसर’, ‘नीली’, ‘विद्या’, ‘जीत’,‘शेर’, ‘सनम’ और ‘दो सितारे’ में साथ काम किया। हालांकि ब्रेकअप के बाद दोनों ने साथ में एक भी फिल्‍म नहीं की।

आज भी याद हैं उनकी फिल्में

फिल्‍म ‘हम एक हैं’ से बॉलीवुड में कदम रखने वाले देवानंद हमेशा से ही सदाबहार अभिनेताओं में गिने गए। बतौर अभिनेता देवानंद की सबसे अधिक चर्चित फिल्‍म थी ‘गाइड’, ‘जिद्दी’, ‘काला पानी’, ‘हरे कृष्णा हरे रामा’, ‘मुनीम जी’।

1946 से 2011 तक देवानंद ने सिनेमा की दुनिया में सक्रिय रहते हुए लगभग 19 फिल्मों का निर्देशन किया और अपनी 13 फिल्मों की कहानी खुद लिखी। देवानंद 40 के दशक में एक स्टाइलिश हीरो के रूप में उभरें।

देवानंद को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड के साथ-साथ पद्मभूषण और दादा साहेब फाल्के जैसे पुरस्कारों से भी नवाजा गया। छह दशकों में देवानंद ने बॉलीवुड में अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी दी।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

City and States Archives

अतिक्रमण पर 30 दुकानदारों का चालान

शहर में फैले अतिक्रमण के खिलाफ बुधवार को ट्रैफिक पुलिस व नगर पालिका ने संयुक्त अभियान चलाया।

14 नवंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

शादी के बाद आलीशान बंगले में रहेंगी अंबानी की बेटी, यह है बंगले की खासियत

देश के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी को लेकर एक रोचक खबर सामने आई है। हाल ही में ईशा अंबानी की आनंद पीरामल के साथ सगाई हुई हैं।

15 नवंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree