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सिपाही भर्ती परीक्षा फर्जीवाड़ाः अंगूठे का ‘क्लोन’ तैयार कर वेरिफिकेशन कराने पहुंचा अभ्यर्थी

पुष्पेन्द्र कुमार त्रिपाठी, अमर उजाला, वाराणसी Updated Sun, 15 Dec 2019 02:18 PM IST
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फाइल फोटो
फाइल फोटो - फोटो : social media
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साल्वर गैंग ने अभ्यर्थियों से 2018 की सिपाही भर्ती परीक्षा के चारों चरण उत्तीर्ण कराने का ठेका लिया था। इसके लिए बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन करने वाली टीसीएस कंपनी के कर्मियों की मिलीभगत के साथ ही तकनीक की मदद ली गई। यह खुलासा आजमगढ़ निवासी विवेक यादव के अंगूठे के बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन के दौरान हुआ।
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दरअसल, सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा में विवेक की जगह साल्वर गैंग का मुन्ना भाई शामिल हुआ था। उस दौरान मुन्ना भाई के अंगूठे का ही निशान लिया गया था। नौकरी विवेक को करनी थी, इस वजह से शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन और बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन के लिए वह खुद पहुंचा। जब उसने बायोमैट्रिक मशीन में अंगूठा लगाया तो पास ही मौजूद एक सिपाही को विवेक पर शंका हुई। सिपाही ने विवेक को पकड़ कर अधिकारियों को सूचना दी और उसके अंगूठे की जांच शुरू की गई।

जांच में सामने आया कि मुन्ना भाई के अंगूठे को स्कैन कराकर त्वचा के रंग की रबर की पतली सी झिल्ली तैयार की गई। इस बेहद बारीक झिल्ली को विवेक के अंगूठे पर इस तरह चिपकाया गया कि सामान्य आदमी पकड़ ही न पाए। पुलिस की पूछताछ में विवेक ने बताया कि अंगूठे का सत्यापन किनारे रखी मशीन में होता है। इस वजह से साल्वर गैंग ने उसे आश्वस्त किया था कि वह पकड़ा नहीं जाएगा।

दो से ढाई लाख में कराई गई डील

हिरासत में लिए गए अभ्यर्थी राकेश कुमार वर्मा और विवेक यादव ने पूछताछ में बताया कि साल्वर गैंग का सरगना कौन है, यह वह नहीं जानते। सिपाही भर्ती परीक्षा का फार्म भरने के बाद कुछ लोगों ने उन्हें कॉल कर संपर्क किया।

कहा कि दो से ढाई लाख रुपये में वह सिपाही भर्ती परीक्षा के चारों चरण उत्तीर्ण करा देंगे। पैसा नियुक्ति पत्र मिलने के बाद देना था और कुछ शैक्षणिक प्रमाण पत्र गारंटी के तौर पर लिए गए थे। साल्वर गैंग के सदस्य प्रयागराज, पटना और अन्य शहरों में रहते हैं, उनके एजेंट्स की बातचीत से ऐसा प्रतीत हुआ।

माना जा रहा है कि कई और ऐसे अभ्यर्थी हो सकते हैं जिन्होंने साल्वर गैंग की मदद से लिखित परीक्षा पास की हो। आशंका जताई गई है कि पीएसी सिपाही भर्ती के रि-मेडिकल टेस्ट फर्जीवाड़े की तरह इसमें भी पुलिस कर्मियों की भूमिका न हो। इस संबंध में सीओ कैंट मोहम्मद मुश्ताक ने बताया कि हमारी जांच जारी है। जिस किसी के खिलाफ साक्ष्य मिलेंगे, उसके खिलाफ कार्रवाई तय है।

 
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