मानकों ने किया किसानों से वैर

ब्ययूराो, अमर उजाला हरदाोई Updated Tue, 02 Dec 2014 12:51 AM IST
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धान खरीद के औंधे मुंह गिरने के पीछे सबसे अहम कारण नमी और डैमेज मानक है। इसको लेकर पिछले दिनों एफसीआई अफसरों ने हरदोई आकर धान एवं चावल के नमूने लेकर किसानों से बातचीत की थी। अफसरों ने सूखे के चलते प्रभावित रही धान की फसल की खरीद मानक में शिथिलता करने की सिफारिश की थी, पर एक सप्ताह बाद भी कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका है। जिले में सरकारी धान खरीद का लक्ष्य करीब 65 हजार एमटी रखा गया है, जिसके लिए समर्थन मूल्य करीब 1360 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। करीब 34 सरकारी क्रय केंद्र खोले गए थे और अब 9 क्रय केंद्र और खोल दिए गए हैं।
इसके बाद भी खरीद का आंकड़ा 5 हजार एमटी के आस पास है। दरअसल नमी के मानक एवं लेबी चावल आपूर्ति के नए मानकों को लेकर शासन-प्रशासन के बीच राइस मिलर्स की रार चल रही है। इस तकरार का सीधा नुकसान किसानों को हो रहा है। यही कारण है कि बाजार में धान की बहार आई हुई है। क्रय केंद्रों पर किसानाें का धान न बिकने से वे औने पौने दामों पर धान बेंचने को मजबूर हो रहे है। राइस मिलर्स की रार के पीछे कारण एफसीआई द्वारा मानक का हवाला देकर चावल रिजेक्ट किया जाना है, जिससे पिछले साल भी जिले में सरकारी धान खरीद धड़ाम हो गई थी।

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