प्रयागराजः मंडल में एक करोड़ लोगों को चावल का वितरण आज से

अमर उजाला ब्यूरो,प्रयागराज Updated Wed, 15 Apr 2020 01:03 AM IST
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 मंडल में करीब 24 लाख परिवारों के एक करोड़ लोगों को मुफ्त चावल मिलेगा। वितरण बुधवार से शुरू होकर 26 अप्रैल तक होगा। इन्हें 490 लाख क्ंिवटल चावल वितरित किया जाएगा। अफसरों का दावा है कि सभी कंट्रोल पर निर्धारित चावल पहुंच गया है।
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प्रदेश सरकार के आदेश पर मुफ्त राशन का वितरण का काम रविवार को ही पूरा हो गया। अब बुधवार से केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत चावल वितरण होगा। इसका लाभ सभी अंत्योदय एवं पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को मिलेगा। वितरण भी कार्ड के आधार पर न होकर प्रति यूनिट के हिसाब से मिलेगा। इसके तहत प्रति यूनिट पांच किग्रा चावल मिलेगा। मंडल में 2387657 कार्डधारक पहले से हैं। इसमें यूनिट की संख्या 97 लाख सात हजार से अधिक हैं। इसके अलावा लॉकडाउन के दौरान भी लाखों पात्रों के राशन कार्ड बनाए गए हैं। इस तरह से कुल संख्या यूनिटों की संख्या एक करोड़ से अधिक बताई जा रही है। इनमें से प्रयागराज में 10 लाख से अधिक कार्डधारक हैं, जिनमें यूनिटों की संख्या करीब 41 लाख है। इस तरह से जिले में 205 लाख क्विंटल चावल का वितरण होगा।
तीन महीने तक होगा मुफ्त वितरण
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत मुफ्त चावल का वितरण लगातार तीन महीने तक होगा। अगले महीने भी 15 से 26 मई के बीच चावल का वितरण होगा। इसके बाद जून में चावल बंटेगा।

सरकार आज से खरीदेगी गेहूं, बाधाएं अनेक

प्रयागराज। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से परेशान किसानों की मुश्किलें आगे भी दूर होती नहीं दिख रहीं। सरकारी क्रय केंद्रों पर उनकी गेहूं बेचने की राह आसान नहीं होने जा रही। लॉकडाउन की वजह से किसानों का रजिस्ट्रेशन ही प्रभावित हो गया है। वहीं वाहनों की कमी से निपटने के साथ सोशल डिस्टेंसिंग की भी चुनौती होगी।

गेहूं की खरीद बुधवार से शुरू होने जा रही है। गेहूं खरीद शुरू होने की निर्धारित तिथि एक अप्रैल थी, लेकिन लॉकडाउन की वजह से इस बार 15 अप्रैल से खरीद कर का निर्णय लिया गया है, जो 15 जून तक चलेगा। इस तरह से 15 दिनों बाद खरीद शुरू होने का नतीजा है कि गेहूं की कटाई भी जोराें पर है। जिले में दो लाख हेक्टेयर से अधिक खेत में गेहूं की खेती हुई है। जिला कृषि अधिकारी अश्वनी कुमार सिंह के अनुसार 22 फीसदी से अधिक कटाई भी हो चुकी है। इस तरह से क्रय केंद्रों पर भीड़ बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन किसानों के सामने सवाल बना हुआ है कि क्रय केंद्र तक गेहूं कैसे ले जाएंगे। बारा के के कन्हई पटेल, सुदर्शन आदि का कहना है कि सरकार ने कृषि संबंधी वाहनों को आने-जाने की छूट दी है, लेकिन कोरोना वायरस के डर तथा पुलिस की धड़पकड़ की वजह से ज्यादातर मालिक वाहन चलवाने के लिए तैयार नहीं हैं। इससे दिक्कत बढ़ सकती है।  
 
 

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