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काशी में अटलजी की अस्थि कलश यात्रा, इन 32 स्थानों पर पुष्पार्चन, जान लें रूट डायवर्जन

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Updated Sat, 25 Aug 2018 01:00 PM IST
Atal bihari vajpayee asthi kalash will come varanasi today
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थि कलश यात्रा ने शनिवार को 12 बजे वाराणसी जिले की सीमा में प्रवेश किया। इससे पहले शुक्रवार को अमेठी, सुल्तानपुर होते हुए यात्रा जौनपुर पहुंची थी। जहां रात्रि विश्राम के बाद शनिवार को यात्रा ने काशी के राजेंद्र प्रसाद घाट के लिए सुबह नौ बजे प्रस्थान किया।बजड़े से ले जाकर बीच गंगा में अस्थियों के फूल विसर्जित किए जाएंगे। 
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शुक्रवार को राजेंद्र प्रसाद घाट के मंच की साफ सफाई कराई गई। इसके अलावा सावन में लगने वाले बैरिकेडिंग को हटाने के लिए पुलिस प्रशासन से बातचीत की गई है। साफ-सफाई का क्रम शनिवार की सुबह भी चलेगा। भाजपा पार्षद नरसिंह बाबा के नेतृत्व में राजेंद्र प्रसाद घाट की व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है।

यहां पानी से सीढ़ियों और मंच की धुलाई की गई। बजड़े की व्यवस्था की गई। जिस पर चुनिंदा पदाधिकारी ही कलश लेकर गंगा में विसर्जित करने जाएंगे। इसके पूर्व पुष्पार्चन के लिए कलश राजेंद्र प्रसाद घाट पर रखा जाएगा। मैदागिन से राजेंद्र प्रसाद घाट जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग की गई है। जिसे हटाने के लिए भाजपा नेताओं ने पुलिस प्रशासन से कहा है। 

लखनऊ से भाजपा की ओर से प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य और सरकार की ओर से राज्यमंत्री डा. नीलकंठ तिवारी अस्थि कलश लेकर आ रहे हैं। काशी प्रांत के अमेठी में क्षेत्रीय अध्यक्ष महेश चंद्र श्रीवास्तव ने अस्थि कलश को ग्रहण किया। इसके बाद वे अस्थि कलश यात्रा के साथ काशी आएंगे। यहां राजेंद्र प्रसाद घाट पर प्रदेश अध्यक्ष डा. महेंद्र नाथ पांडेय पूर्व प्रधानमंत्री की अस्थियों को गंगा में प्रवाहित करेंगे।

इस दौरान घाट पर श्रद्धांजलि सभा होगी। जिसमें भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के परिवार वाले रामधुन सुनाएंगे। जनप्रतिनिधि और भाजपा कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्र में अस्थि कलश को श्रद्धांजलि देंगे। छतों से गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा के लिए 20 स्थान चयनित किए गए हैं। टाउनहाल में 29 को त्रयोदशाह कार्यक्रम होगा। इसमें  51 ब्राह्मणों को भोज के बाद 51 हजार काशी की जनता को भोजन कराया जाएगा। यात्रा के साथ डा. शोभनाथ यादव, आरडी पाल, रामचंद्र मिश्र, अशोक चौरसिया आदि शामिल हैं। 
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अस्थि कलश यात्रा के लिए रूट डायवर्जन व्यवस्था

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