राशन की दुकानों पर मिलेंगी रोजमर्रा उपयोग की वस्तुएं

नई दिल्ली/विजय गुप्ता Updated Mon, 22 Oct 2012 09:02 PM IST
ration shops found everyday objects
गेहूं, चावल, खाद्य तेल एवं केरोसिन की बिक्री करने वाली सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों में जल्द ही रोजमर्रा उपयोग की वस्तुएं उपलब्ध हो सकेंगी। केंद्र ने राशन की दुकानों पर स्थानीय जरूरतों की वस्तुओं की बिक्री कराने की योजना बनाई है।

सरकार का कहना है कि स्थानीय जरूरतों के आधार पर रोजमर्रा उपयोग की वस्तुओं की बिक्री होने से सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानें न सिर्फ नियमित खुलेंगी। बल्कि दुकानदारों की आय में भी बढ़ोतरी होगी। इससे राशन कार्ड धारकों की दुकान न खुलने की शिकायत भी दूर होगी, साथ ही उन्हें एक ही दुकान पर जरूरत की वस्तुएं भी उपलब्ध हो सकेंगी।

केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रो. केवी थॉमस ने बताया कि खाद्य सुरक्षा कानून लागू करने से पहले देश भर की सस्ते गल्ले की दुकानों का आधुनिकीकरण करने की योजना तेजी से चल रही है। लगभग आधा दर्जन राज्यों में राशन की दुकानों के कंप्यूटरीकरण की योजना अंतिम चरण में है। जबकि दर्जन भर राज्य ऐसे हैं जहां इसकी शुरुआत हो चुकी है।

इसी क्रम में केंद्र ने राशन की दुकानों की उपयोगिता और बढ़ाने की योजना बनाई है। जिसका मकसद इन दुकानों में रोजमर्रा उपयोग की वस्तुओं की उपलब्धता बढ़ाना है। तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल आदि राज्यों में यह योजना शुरू भी हो चुकी है।

उन्होंने बताया कि उत्तर और मध्य भारत में अभी इस योजना पर राज्य सरकारें विचार ही कर रही हैं। इसलिए केंद्र ने राज्य सरकारों को पत्र लिखकर इस योजना में तेजी लाने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा है। थॉमस ने बताया कि इस योजना को अमली जामा पहनाने के लिए दो दिन पूर्व ही उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों को निजी तौर पर पत्र लिखा जा चुका है।

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