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केंद्र ने खरीदे 823 लाख मीट्रिक टन अनाज

Market Updated Fri, 22 Jun 2012 12:00 PM IST
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इस साल अनाज की सबसे अधिक खरीद हुई है। खाद्य मंत्रालय के अनुसार केंद्रीय भंडार में अब तक 823.17 लाख मीट्रिक टन अनाज पहुंचा है। केंद्रीय खाद्य मंत्री केवी थॉमस ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि भंडारों में अतिरिक्त क्षमता का निर्माण और खराब हो रहे अनाज को हटाने की योजना के साथ-साथ दैनिक आधार पर अनाज को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के उपाय किए जा रहे हैं।
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बेहतर उपायों से बढ़ी खरीद
उन्होंने कहा कि अनाज के रिकार्ड उत्पादन और न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी के साथ अनाज की खरीद के लिए किए गए बेहतर उपायों से इस वर्ष अनाज की सबसे अधिक खरीद हुई है। एक जून को केंद्रीय अनाज भंडार में 823.17 लाख मीट्रिक टन का भंडार था, जिसमें 501.69 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 321.48 लाख मीट्रिक टन चावल था।
'भंडारण का रखा जाएगा ख्याल'
थॉमस ने कहा कि केंद्रीय भंडार के लिए खरीदे गए अनाज का भंडारण भारतीय खाद्य निगम और राज्य सरकार तथा इनकी एजेंसियों द्वारा किया जाता है। पिछले पांच वर्षो में भारतीय खाद्य निगम की भंडारण क्षमता 31 मार्च, 2008 को 238.94 लाख मीट्रिक टन थी, जो लगभग 40 प्रतिशत बढ़कर 31 मार्च, 2012 को 336.04 लाख मीट्रिक टन हो गई।

भारतीय खाद्य निगम और राज्य सरकार तथा इनकी एजेंसियां अनाज का भंडारण ढके हुए स्थान पर करती है और अनाज रखने के लिए प्लेटफार्म (चौकी) बनाई जाती है। इसके लिए कैप और कच्चा कैप भंडारण का तरीका अपनाया जाता है। एक जून को 273.96 लाख मीट्रिक टन गेहूं का खुले में भंडारण किया गया था।

कच्चे स्थानों पर रखे जाते हैं 13 फीसदी गेहूं'
थॉमस ने बताया कि केंद्रीय भंडार के गेहूं के कुल भंडार में से 87 प्रतिशत ढके हुए और कैप स्टोरेज में किया जाता है और इसे सुरक्षित भंडारण माना जाता है। बाकी का 13 प्रतिशत गेहूं कच्चे स्थानों पर किया जाता है, जिससे नुकसान का खतरा बना रहता है। कच्चे स्टोरेज में रखे गए अनाज में से 65.66 लाख मीट्रिक टन अनाज का भंडारण पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश और राजस्थान में है।
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