अब दिखेंगी निजी कंपनियों के एटीएम

Market Updated Fri, 22 Jun 2012 12:00 PM IST
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आपकी डिटर्जेंट कंपनी है या आप बड़े एक्सपोर्टर हैं, कुल मिलाकर अगर 100 करोड़ की नेटवर्थ (हैसियत) रखते हैं तो रिजर्व बैंक आपको अपने एटीएम लगाने का मौका दे सकता है। आरबीआई ने इसकी अधिसूचना जारी करते हुए कुछ शर्तों के साथ निजी क्षेत्र की कंपनियों से इसके लिए आवेदन मांगे हैं। ये एटीएम ऐसे होंगे, जिनमें सभी बैंकों के कार्ड स्वीकार हो सकेंगे और संचालनकर्ता कंपनी ट्रांजेक्शन के बदले ग्राहकों से कोई चार्ज नहीं ले सकेगी।
अन्य बैंकों के कार्ड से होंगे 5 फ्री-ट्रांजेक्शन
एटीएम संचालन की व्यवस्था को आउटसोर्सिंग करने के लिए लंबे समय से जद्दोजहद चल रही थी। आखिरकार बुधवार को रिजर्व बैंक ने इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत वे कंपनियां ही लाइसेंस का आवेदन कर सकती हैं, जिनकी नेटवर्थ बीते वित्तीय वर्ष में 100 करोड़ रुपए की थी और वे रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के अधीन हैं।

आरबीआई ने शर्त रखी है कि ऐसे एटीएम में अन्य एटीएम की तरह सभी बैंकों के कार्ड स्वीकार होंगे। इनमें 5 फ्री-ट्रांजेक्शन की व्यवस्था भी रहेगी और एटीएम इस्तेमाल करने के लिए ग्राहक से किसी प्रकार का चार्ज नहीं लेंगे। आरबीआई ने ऐसे एटीएम को ‘व्हाइट लेबल एटीएम’ का दर्जा दिया है।

केबल भारतीय एटीएम का हो सकेगा प्रयोग
रिजर्व बैंक ने कहा है कि इन एटीएम को लगाने के लिए संबंधित कंपनी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) ला सकती है। मगर इसके लिए सरकार से एप्रूवल लेना आवश्यक है। साथ ही प्रत्येक वर्ष इनका रिन्यूवल भी होगा। ‘व्हाइट लेबल एटीएम’ में सिर्फ भारत में जारी कार्ड ही इस्तेमाल होंगे और इनमें किसी प्रकार का जमा संभव नहीं होगा।

व्हाइट लेबल एटीएम के लिए 3 स्कीमें
स्कीम-1
‘व्हाइट लेबल एटीएम’ के लिए आरबीआई ने 3 स्कीमें दी हैं। पहली स्कीम के तहत पहले वर्ष कम से कम 1000 एटीएम और दूसरे वर्ष में पहले साल लगाए गए एटीएम से दोगुने एटीएम लगाने होंगे। इसके अलावा तीसरे वर्ष में दूसरे वर्ष के 3 गुने एटीएम इंस्टॉल करने होंगे।

स्कीम2- दूसरी स्कीम में प्रत्येक वर्ष 5000 एटीएम तीन वर्षों तक लगाने होंगे।

स्कीम3- तीसरी स्कीम में 3 वर्षों तक 25-25 हजार एटीएम लगाने होंगे। आरबीआई के मुताबिक कंपनियों को स्कीम के हिसाब से क्षेत्र एलॉट किए जाएंगे। यह भी व्यवस्था रहेगी कि यदि 2 एटीएम बड़े शहरों में लगाए गए हैं, तो 1 छोटे में लगाना जरूरी होगा।

विज्ञापन होगा कमाई का मुख्य स्रोत
एटीएम लगाने वाली कंपनियों की कमाई का मुख्य स्रोत विज्ञापन होगा। आरबीआई ने कहा है कि एटीएम के सेटअप और स्क्रीन पर विज्ञापनों का प्रसारण किया जाएगा। इसके अलावा सेवाएं प्रदान करने के लिए कमीशन के लिए बैंकों से सीधे टाईअप करना होगा। इनके संचालन में होने वाले किसी प्रकार के खर्च का बोझ एटीएम उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाएगा। रिजर्व बैंक ने यह भी कहा है कि स्थापित किए जाने वाले सभी एटीएम नए होंगे। वर्तमान में बैंकरों के एटीएम सेटअप को इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।

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