इतिहास बन जाएगा यूपी स्टॉक एक्सचेंज?

Market Updated Fri, 22 Jun 2012 12:00 PM IST
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यूपी स्टॉक एक्सचेंज अब शायद इतिहास के पन्नों में ही दर्ज होकर रह जाएगा। एक्सचेंज नियामक सेबी की ओर से क्षेत्रीय स्टॉक एक्सचेंजों के संबंध में अधिसूचना जारी होने के बाद अब इसकी मान्यता पर खतरा मंडरा रहा है। सेबी की शर्तों के मुताबिक एक्सचेंज को दो वर्ष में इस स्तर पर तैयार करना होगा, जिससे सालाना एक हजार करोड़ का व्यवसाय हो सके।
क्षेत्रीय स्टॉक एक्सचेंजों के संचालन को लेकर लंबे समय से जद्दोजहद चल रही है।

दो साल से बंद हैं लिस्टेड कंपनियों की ट्रेडिंग
पूर्व में यह नियम था कि किसी भी कंपनी को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बंबई स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध कराने के पूर्व क्षेत्रीय स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध कराना आवश्यक था। अब इस नियम को बदल दिया गया, कंपनियां सीधे बीएसई-एनएसई में खुद को सूचीबद्ध कराने लगीं हैं। इससे क्षेत्रीय स्टॉक एक्सचेंजों में इनकी ट्रेडिंग ही समाप्त हो गई। सिविल लाइंस स्थित यूपी स्टॉक एक्सचेंज में करीब दो वर्ष पूर्व यहां लिस्टेड कंपनियों की ट्रेडिंग ही बंद हो गई है।

मान्यता के लिए कंप्यूटराइज्ड प्लेटफॉर्म जरूरी
मार्च में सेबी की बोर्ड बैठक में क्षेत्रीय स्टॉक एक्सचेंजों के संचालन पर चर्चा हुई। एक्सचेंज सूत्रों के मुताबिक सेबी ने दिशा-निर्देशों के संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। इसमें कहा गया है कि क्षेत्रीय स्टॉक एक्सचेंजों को अपनी मान्यता बरकरार रखने के लिए कंप्यूटराइज्ड प्लेटफॉर्म तैयार करना होगा। साथ ही एक हजार करोड़ का सालाना व्यवसाय करना होगा। कुछ स्टॉक एक्सचेंज आपस में मिलकर भी इन शर्तों को पूरा कर सकते हैं। इसके लिए दो वर्ष का समय दिया गया है।

सेबी ने कहा है कि जिन एक्सचेंजों को लगता है कि वे इन शर्तों का पालन नहीं कर पाएंगे वे अपने आप आवेदन करके मान्यता समाप्त करवा सकते हैं, अन्यथा समयावधि पूरी होने के बाद सेबी खुद ही मान्यता रद करने की कार्रवाई कर देगा।

शर्त पूरा करने में 10-12 करोड़ का खर्च
यूपी स्टॉक एक्सचेंज के चेयरमैन केडी गुप्‍ता ने कहा कि कई एक्सचेंजों के मिलाकर एक एक्सचेंज बनाने का सवाल ही नहीं पैदा होता क्योंकि इसमें एक को छोड़कर बाकी का नाम ही समाप्त हो जाएगा। वहीं प्लेटफॉर्म तैयार करने वाली कंपनियां करीब दस से बारह करोड़ रुपये लेती हैं। ये शर्तें ऐसी हैं, जिन्हें क्षेत्रीय स्टॉक एक्सचेंजों के लिए पूरा कर पाना लगभग असंभव है।

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