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ग्लोबल मंदी से कमजोर पड़ा रेशम निर्यात

Market Updated Thu, 21 Jun 2012 12:00 PM IST
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दुनिया भर में छाई ग्लोबल मंदी से भारतीय रेशम कारोबार भी अछूता नहीं रहा है। 2012 में फरवरी तक देश से 2,104 करोड़ रुपये का निर्यात किया गया। जबकि, पिछले साल यह आंकड़ा 2,867 करोड़ रुपये पर था। केंद्रीय रेशम बोर्ड की सदस्य सचिव इशिता राय ने बताया कि ग्लोबल मंदी और खासतौर पर यूरोप में कमजोर अर्थव्यवस्था के कारण रेशम के निर्यात पर गहरा असर पड़ा है।
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लेकिन, सीमा शुल्क के पांच प्रतिशत तक कम होने के कारण इस वर्ष निर्यात में सुधार होने की उम्मीद है। राय ने बताया कि रेशम का उत्पादन इस वर्ष लक्ष्य से अधिक रहा है। इस वर्ष इसका लक्ष्य 22 हजार टन रखा गया था, लेकिन यह 23,410 टन पर रहा है। 2010-11 में रेशम का उत्पादन 18,300 टन पर था। उन्होंने बताया कि सिल्क बोर्ड ने केंद्र सरकार से चीनी रेशम पर आयात शुल्क बढ़कर पांच से 20 फीसदी करने का आग्रह किया है।
इसके साथ ही राय ने बताया कि बोर्ड ने अगले तीन वर्षों में रेशम उत्पादन में जुड़े गांवों की संख्या को बढ़कर 50 से 100 करने का भी लक्ष्य रखा है। ताकि, रेशम के उत्पादन को और बढ़ाया जा सके। इसके अलावा, रेशम उत्पादन की तकनीक में सुधार करने के उद्देश्य से जापान, ताइवान और ब्राजील के साथ भी ‘जेम प्लस कंसोरटियम’ बनाने पर विचार किया जा रहा है। बोर्ड करीब 30 देशों में रेशम उत्पादन बढ़ने के लिए प्रशिक्षण देने की भी योजना बना रहा है।
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