विज्ञापन

यूपी में बढ़ा 10.91 टन चीनी का उत्पादन

Market Updated Thu, 14 Jun 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
sugar-production-Increass-in-Uttar-Pradesh
ख़बर सुनें
कभी ‘सुगर बाउल’ कहा जाने वाला पूर्वांचल अब फिर अपनी पुरानी पहचान कायम करने की ओर अग्रसर है। चीनी उत्पादन में पूरे प्रदेश के साथ पूर्वांचल भी कदमताल कर रहा है। पिछले सत्र की तुलना में इस पेराई सत्र में प्रदेश में 10.91 टन चीनी का उत्पादन अधिक हुआ है। इसमें 3.33 लाख कुंतल का अधिक उत्पादन केवल गोरखपुर परिक्षेत्र की चीनी मिलों ने किया।
विज्ञापन

'अगले साल भी उत्पादन बढ़ने की उम्मीद
पिछले वर्ष पूरे प्रदेश में 58.67 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था, जो इस वर्ष बढ़कर 69.58 लाख टन हो गया। गोरखपुर परिक्षेत्र के गोरखपुर, बस्ती, महराजगंज, संतकबीरनगर व सिद्धार्थनगर की आठ चीनी मिलों ने पेराई सत्र 10-11 में 23.32 लाख कुंतल चीनी का उत्पादन किया जो इस पेराई सत्र में बढ़कर 26.65 लाख कुंतल हो गया। पूरे प्रदेश समेत पूर्वांचल में अगले वर्ष भी चीनी का उत्पादन बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
'पूर्वांचल में उत्पादन बढ़ने की अपार संभावनाएं'
उप्र गन्ना किसान संस्थान प्रशिक्षण केन्द्र के सहायक निदेशक ओपी गुप्ता ने बताया कि गन्ना सर्वे के मिल रहे संकेतों के मुताबिक अगले वर्ष भी चीनी के उत्पादन में बढ़ोत्तरी का अनुमान है। उन्होंने कहा कि गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग के क्षेत्र में यह पहला अवसर है जब पश्चिमी उप्र की तुलना में पूर्वी उप्र में गन्ने की औसत उपज व चीनी परता अधिक हुआ है।

यही नहीं, गोरखपुर मंडल की कुशीनगर की त्रिवेणी चीनी मिल रामकोला पंजाब का चीनी परता प्रदेश की सभी मिलों से अधिक 10.29 प्रतिशत है। संयुक्त गन्ना आयुक्त अमर सिंह ने कहा कि पूर्वांचल में गन्ना विकास की अपार संभावना है। यहां के किसान वैज्ञानिक ढंग से खेती करके दो सौ कुंतल के स्थान पर 400 कुंतल प्रति एकड़ गन्ना की उपज प्राप्त कर सकते हैं।

साल दर साल बढ़ रहा चीनी का उत्पादन
पेराई सत्र चीनी उत्पादन (लाख टन में)
2008-09 40.64
2009-10 51.00
2010-11 58.67
2011-12 69.58
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us