निष्पक्ष नहीं एसएंडपी का आकलन

Market Updated Thu, 14 Jun 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
S-and-P-assessment-is-not-fair

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
स्टैंडर्ड एंड पुअर (एसएंडपी) द्वारा भारत की क्रेडिट रेटिंग घटाने की चेतावनी पर केंद्रीय योजना राज्य मंत्री अश्विनी कुमार ने कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने कहा कि एसएंडपी का रुख देश के प्रति निष्पक्ष नहीं है और उसने अपने विश्लेषण में तथ्यों पर भी गौर नहीं किया है।
विज्ञापन

भारत-अमेरिका रणनीतिक वार्ता के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल के साथ वाशिंगटन आए कुमार ने कहा कि भारत की मजबूत आर्थिक बुनियाद को देखते हुए एसएंडपी की निष्पक्षता पर संदेह होता है। मुझे लगता है कि एसएंडपी की रेटिंग भारत के प्रति निष्पक्ष नहीं है और मैं एसएंडपी की रिपोर्ट से अचंभित हूं कि उसने भारत को ऐसे देशों के साथ खड़ा करने की कोशिश की है, जिनके साथ कोई युक्तिसंगत तुलना नहीं है।
भारत की अर्थव्यवस्था 1,000 अरब डॉलर की है। दुनिया भर में बड़ी संख्या में आर्थिक विश्लेषक व्यापक रूप से मानते हैं कि 2030 तक भारत जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता है। मंत्री ने कहा कि भारत की वृद्धि दर पिछले कई साल से 8 प्रतिशत के करीब रही है और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा दौर के कठिन हालात में भी इस साल वृद्धि दर 7 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
गौरतलब है कि सोमवार को एसएंडपी ने चेतावनी दी है कि भारत ब्रिक देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन) में निवेश ग्रेड रेटिंग गंवाने वाला पहला राष्ट्र बन सकता है। इससे पहले रेटिंग एजेंसी ने अप्रैल में देश की ऋण संबंधी साख के परिदृश्य को घटाते हुए स्थिर से नकारात्मक श्रेणी में डाल दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us