विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से 10 खरब खींचे

Market Updated Mon, 11 Jun 2012 12:00 PM IST
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‘पार्टिसिपेटरी नोट’ के जरिये भारतीय बाजार में करोड़ों रुपये निवेश करने वाली अमीर विदेशी संस्थाओं को केंद्र सरकार के टैक्स के फंदे से बचने के लिए अपने कदम खींचने पड़े है। एक अनुमान के मुताबिक, काले धन मामले में शिकंजे से बचने के लिए इन्होंने पिछले तीन माह में भारतीय बाजार से करीब दस खरब रुपये की राशि वापस खींच ली है।
इसके परिणाम स्वरूप पी-नोट्स के जरिये देश में निवेश की गई राशि अपने निम्नतम स्तर पर पहुंच गई है। यह राशि विदेशी संस्थान निवेश (एफआईआई) की महज 10 फीसदी रह गई है जबकि कुछ वर्ष पहले यह एफआईआई की 50 फीसदी से अधिक हुआ करती थी।

गौरतलब है कि पी-नोट्स विदेशियों और अन्य धनवान निवेशकों को पहले से ही पंजीकृत एफआईआई के जरिये भारत में निवेश की इजाजत देते हैं। इससे न केवल उनके समय बल्कि लागत की भी बचत होती है।

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