स्कूलों में पढ़ाएं शेयर, सेंसेक्स व सेबी का पाठ

Market Updated Mon, 11 Jun 2012 12:00 PM IST
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देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत व स्थिर बनाने के लिए घरेलू निवेशकों को आधुनिक वित्तीय बाजारों की ओर मोड़ना होगा। इसके लिए जरूरी है की लोगों में वित्तीय साक्षरता बढ़े। वर्तमान निवेशकों में जागरूकता फैलाने के साथ ही कॉरपोरेट मंत्री वीरप्पा मोइली ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय तथा राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र भेजकर स्कूल और कॉलेज स्तर पर शेयर मार्केट तथा अन्य आधुनिक वित्तीय गतिविधियों के बारे में छात्रों को शिक्षित करने के लिए पाठ्यक्रम शुरू करने को कहा है।
उल्लेखनीय है कि भारतीय घरेलू निवेश की मात्र छह फीसदी धनराशि ही शेयर बाजार में निवेश होती है, जबकि अधिकतर धन विदेशी निवेशकों का होता है। कॉरपोरेट मंत्रालय ने इस वर्ष फरवरी में देश के पांच बड़े महानगरों में निवेशकों के साथ बैठकें की। इनमें यह बात उभरकर सामने आई कि वित्तीय साक्षरता न होना हमारे निवेश का सबसे बड़ा संकट है।

ज्यादातर घरेलू निवेशक वर्तमान वित्तीय निवेश बाजार की गतिविधियों से अनजान हैं। इस समस्या से निपटने के लिए कॉरपोरेट मंत्रालय ने जहां निवेशकों को जागरूक करने के लिए कई कार्यक्रम चलाने का फैसला लिया है वहीं बच्चों को स्कूल व कॉलेज स्तर से वित्तीय मामलों में साक्षर बनाने की मुहिम के तहत संबंधित लोगों को पत्र भेजा है।

मोइली ने पत्र में लिखा है कि यदि घरेलू निवेशक सीधे बाजार में निवेश करें तो भारतीय अर्थव्यवस्था में मजबूती आने के साथ ही निवेशकों को भी इससे ज्यादा लाभ प्राप्त होगा। इसके लिए जरूरी है कि स्कूल व कॉलेज स्तर से ही बच्चों को वित्तीय मामलों की शिक्षा दी जानी चाहिए जिससे वे इस तरह के निवेश के लाभ के बारे में खुद समझ सकें।

पत्र भेजने के साथ ही कॉरपोरेट मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सीबीएसई बोर्ड से भी संपर्क कर वित्तीय साक्षरता के लिए जरूरी कदम उठाए जाने का अनुरोध किया है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय को पिछले हफ्ते यह पत्र मिल गया है। मंत्रालय जल्द ही एनसीईआरटी से इस बारे में राय लेगा कि किस रूप में तथा किस क्लास से इस तरह की शिक्षा देने के लिए पाठ्यक्रम बनाए जा सकते हैं।

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