सेबी ने जताई आर्थिक सुधारों में तेजी की जरूरत

Market Updated Fri, 08 Jun 2012 12:00 PM IST
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देश में आर्थिक सुधारों में लगातार हो रहे विलंब पर क्षोभ जताते हुए भारतीय प्रतिभूति एवं विनियम बोर्ड (सेबी) के प्रमुख ने निवेशकों का विश्वास फिर से बहाल करने के लिए इस काम में तेजी लाने के जरूरत जताई है।

सेबी अध्यक्ष यूके सिन्हा ने स्कोच समिट को संबोधित करते हुए कहा कि देश में प्रमुख आर्थिक सुधार साल दर साल पीछे चले जा रहे हैं। निवेशकों का विश्वास फिर से बहाल करने और फिसल रही देश की अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के लिए आर्थिक सुधारों की दिशा में तेजी से कदम उठाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि खुदरा कारोबार में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) की क्या गति हुई। यह हम सब देख चुके हैं। पेंशन सुधार भी फिलहाल अधर में लटक गया है। यह ऐसे आर्थिक सुधार के कदम हैं जो साल दर साल पीछे जा रहे हैं। फुटकर कारोबार में एफडीआई और पेंशन सुधार बिल दोनों ही संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन संप्रग की प्रमुख घटकर तृणमूल कांग्रेस के विरोध के चलते टाले जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि हमें आर्थिक सुधार की दिशा में उठाए जाने वाले कदमों के बारे में गंभीरता से सोचना होगा। हम इन कदमों को कब तक टाल सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि आर्थिक सुधारों की दिशा में कुछ कदम उठाए जाएं और जो मामले लटके पडे़ हैं उन पर क्रियान्वयन शुरू हो जाए तो देश की अर्थव्यवस्था फिर से अपने तीन-चार साल पुरानी तेजी को पकड़ने की स्थिति में आ जाएगी।

गौरतलब है कि 31 मार्च को समाप्त हुए वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की रफ्तार पिछले नौ साल के न्यूनतम स्तर 5.3 फीसदी पर आ गई है।

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