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'मंदी की चपेट में भारतीय अर्थव्यवस्था'

Market Updated Tue, 05 Jun 2012 12:00 PM IST
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देश के आर्थिक हालात आने वाले दिनों में कैसे होंगे, इसका अंदाजा लगाना धीरे-धीरे और कठिन होता जा रहा है। इसके संकेत उस समय मिले, जब देश के दो प्रमुख उद्योग संगठनों ने अर्थव्यवस्था को लेकर अलग-अलग राय जाहिर की। आर्थिक विकास में प्रमुख भूमिका निभाने वाले उद्योग संगठनों की अलग-अलग राय ने आर्थिक मोर्चे पर असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है।
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उद्योग संगठन फिक्की ने कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति बेहद नाजुक हो चुकी है। आर्थिक सुधार को गति देने के लिए सरकार को तुरंत आर्थिक सुधार के उपाय करने होंगे। इनमें मल्टी ब्रांड रिटेल में एफडीआई को अनुमति और ब्याज दरों में कटौती जैसे उपाय तुरंत किए जाने चाहिए। दूसरी ओर, उद्योग संगठन एसोचैम का कहना है कि पूरी ग्लोबल अर्थव्यवस्था इन दिनों मंदी का सामना कर रही है। इसके मुकाबले घरेलू अर्थव्यवस्था बेहतर है। अगले चार से छह महीने में हालात बदलेंगे और अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट आएगी।


फिक्की के प्रेसिडेंट आरवी कनोरिया ने कहा कि ग्लोबल अनिश्चितता और सुस्त विकास दर को देखते हुए सभी राजनीतिक दलों को एक साथ मिलकर आर्थिक विकास को गति देने के लिए नीतिगत सुधार करने चाहिए। घरेलू अर्थव्यवस्था मंदी की स्थिति में पहुंच चुकी है। धीमी वृद्धि दर, उच्च महंगाई दर, भारी वित्तीय घाटा और अब तक का सर्वाधिक व्यापार घाटा गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। कनोरिया ने आर्थिक सुधार के लिए 12 सूत्रीय एजेंडा पेश करते हुए कहा कि यह सत्तारूढ़ और विपक्षी दोनों दलों के लिए स्पष्ट संकेत है कि स्थिति बेहद गंभीर है। इसलिए बोल्ड और निर्णायक फैसले करने होंगे।

दूसरी ओर, एसोचैम के प्रेसिडेंट राजकुमार धूत ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं घरेलू अर्थव्यवस्था मुश्किल दौर से गुजर रही है। यह हालात काफी हद तक ग्लोबल कारणों से बने हैं। लेकिन, जल्द ही स्थिति में सुधार आएगा। आने वाले महीनों में अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटने लगेगी। धूत ने कहा कि विश्व अर्थव्यवस्था के मुकाबले भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर बेहतर है। विश्व अर्थव्यवस्था जहां 2 फीसदी की दर से बढ़ रही है, वहीं घरेलू अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 6 फीसदी से अधिक है। उन्होंने कहा कि घरेलू अर्थव्यवस्था को लेकर नकारात्मक माहौल बनाना गलत है। वृद्धि दर में गिरावट पहली बार नहीं आई है। अर्थव्यवस्था के आधार मजबूत है।

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