सरकार के इशारे पर चल रहीं तेल कंपनियां

Market Updated Sun, 03 Jun 2012 12:00 PM IST
Running-the-government-at-the-behest-of-oil-companies
आम आदमी के जबरदस्त आक्रोश और राजनीतिक दलों के चौतरफा दबाव में भले ही सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल मूल्य में दो रुपए प्रति लीटर कटौती का ऐलान कर दिया, लेकिन यह राहत काफी नहीं है। पेट्रोल मूल्य में अभूतपूर्व 7.56 रुपए प्रति लीटर के इजाफे के बाद दो रुपए की मामूली कटौती को विपक्षी दलों ने बेहद कम मानते हुए पूरी तरह रौलबैक की आवाज फिर बुलंद की है। भाजपा ने दो रुपए की कटौती को जनता के साथ धोखा करार दिया है।
जनता उठा रही पक्ष-विपक्ष की लड़ाई का खामियाजा
वास्तव में 23 मई को हुई 7.56 रुपये लीटर की बढ़ोतरी के आधार पर दो रुपये की कमी महज 27 फीसदी ही है। तेल कंपनियों के इस निर्णय को आम आदमी के आंसू पोछने का काम कहा जा सकता है, आंसू रोकने का नहीं। हालांकि कंपनियों ने पेट्रोल के दाम घटाने का निर्णय दो दिन पूर्व हुई बैठक में ही कर लिया था। लेकिन सरकार के इशारे पर तत्काल कटौती की घोषणा नहीं हुई थी।

दरअसल सरकार नहीं चाहती थी कि भारत बंद के तत्काल बाद पेट्रोल के दाम घटाकर इसका श्रेय विपक्षी दलों को दिया जाए। इसी के चलते पेट्रोलियम कंपनियों की बैठक में पेट्रोल के दामों में कटौती करने के निर्णय को टाल दिया गया था। यही नहीं आम आदमी के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए एलपीजी और डीजल में संभावित मूल्य वृद्धि को भी फिलहाल कुछ दिनों के लिए रोक दिया गया है।

कांग्रेसी नेताओं ने भी की मूल्यवृद्घि की निंदा
भाजपा प्रवक्ता राजीव प्रताप रुड़ी ने कहा कि विश्व बाजार में कच्चे तेल की कीमतें नीचे आई हैं और तेल कंपनियां मुनाफे में हैं। इसलिए रोलबैक होना चाहिए। जबकि पेट्रोलियम राज्यमंत्री आरपीएन सिंह ने कटौती को आम आदमी के लिए राहत बताते हुए कहा कि यह तेल कंपनियों का फैसला है और इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है।

गौरतलब है कि विपक्ष ही नहीं यूपीए की सबसे बड़ी घटक ममता बनर्जी और करुणानिधि ने इस मूल्यवृद्धि के खिलाफ मुखर आवाज उठाई थी। नाजुक मौकों पर सरकार की नैया पार लगाती आ रही समाजवादी पार्टी ने भी सरकार को आड़े हाथों लिया था।

और तो और खुद कांग्रेस के दिग्गज यूपीए सरकार के नंबर तीन रक्षामंत्री एके एंटनी से लेकर प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्री वायलार रवि तक ने मूल्यवृद्धि के खिलाफ सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी जाहिर की है। शायद इन चौतरफा दबावों का ही असर है कि तेल कंपनियों ने शनिवार को दो रुपए की कटौती के बाद आगे भी कच्चे तेल के विश्व बाजार में दाम और डालर के मुकाबले रुपए के मूल्य में स्थितरता आने पर कीमतों में कुछ और कमी के संकेत दिए हैं।

Spotlight

Related Videos

असल जिंदगी में राजकुमारी हैं ये बॉलीवुड की नायिकाएं

वैसे तो फिल्मों में अभिनेत्रिया राजकुमारी का रोल निभाती ही हैं लेकिन बॉलीवुड में कई अभिनेत्रियां ऐसी भी हैं जो किसी न किसी रॉयल फैमिली से संबंध रखती हैं...

24 फरवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen